यूपी होमगार्ड परीक्षा के बाद रिजल्ट और कट-ऑफ पर बढ़ी नजरें
उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा के संपन्न होने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजरें रिजल्ट और कट-ऑफ पर टिकी हैं. जहां एक तरफ अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया में पेपर को 'UPSC लेवल' का बताकर विरोध जताया है, वहीं दूसरी तरफ 75% से अधिक की भारी उपस्थिति ने कॉम्पिटिशन को कड़ा कर दिया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि पेपर के कठिन स्तर और नेगेटिव मार्किंग न होने की वजह से इस बार कट-ऑफ में 'उतार-चढ़ाव' देखने को मिल सकता है.
कट-ऑफ को प्रभावित की वजहें क्या हैं
सबसे पहले पेपर का स्तर वजह है. सामान्य ज्ञान (GK) और यूपी विशेष के सवालों ने औसत अभ्यर्थियों को उलझा दिया, जिससे 'गुड एटेम्पट्स' की संख्या गिर सकती है.
नेगेटिव मार्किंग का अभाव भी एक वजह है, इसमें परीक्षा में गलत उत्तर के लिए अंक नहीं कटने थे, इसलिए अभ्यर्थियों ने सभी 100 सवाल हल किए हैं. इससे कट-ऑफ थोड़ी ऊपर भाग सकती है. बता दें कि लगभग 25.32 लाख अभ्यर्थियों में से करीब 19 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं.
क्या है 'सेफ स्कोर'?
एक्सपर्ट्स के अनुसार यदि आपने 70 से 75 सवाल पूरी तरह सही किए हैं, तो आप फिजिकल टेस्ट (PET/PST) की तैयारी शुरू कर सकते हैं. याद रहे कि लिखित परीक्षा में पास होने के लिए न्यूनतम 25% (25 अंक) लाना अनिवार्य है, लेकिन मेरिट में आने के लिए ऊपर दिए गए स्कोर की आवश्यकता होगी.
सोशल मीडिया पर क्यों कर रहे विरोध
उत्तर प्रदेश में 41,424 होमगार्ड पदों के लिए हुई तीन दिवसीय परीक्षा की सोशल मीडिया पर चर्चा है. 25 से 27 अप्रैल के बीच हुई इस परीक्षा को लेकर अभ्यर्थी नाराज हैं. इंस्टाग्राम पर वायरल हो रही रील्स और वीडियो में छात्र दावा कर रहे हैं कि सामान्य ज्ञान (GK) के सवाल इतने कठिन थे कि वे किसी चपरासी या होमगार्ड भर्ती के नहीं, बल्कि UPSC या PCS लेवल के लग रहे थे.
एक वायरल वीडियो में परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने इंस्टाग्राम पर अपना दर्द बयां किया है. वायरल वीडियो में छात्र कह रहे हैं कि सिलेबस में 'बेसिक जनरल नॉलेज' की बात कही गई थी, लेकिन सवाल ऐसे पूछे गए जिनके जवाब अच्छे-अच्छे विद्वानों के पास भी नहीं थे.
कई वीडियो में छात्र परीक्षा केंद्र के बाहर ही पेपर को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते दिख रहे हैं, जिसे हजारों लोग शेयर और सपोर्ट कर रहे हैं.
क्या सच में कठिन था पेपर?
एजुकेशन एक्सपर्ट्स की मानें तो इस बार पेपर का पैटर्न बदला हुआ नजर आया. इसमें उत्तर प्रदेश के इतिहास और भूगोल से ऐसे सवाल पूछे गए जो आमतौर पर उच्च स्तरीय परीक्षाओं में आते हैं. करेंट अफेयर्स की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय संबंधों और जटिल सरकारी योजनाओं से जुड़े डेटा वाले सवाल अधिक थे. विशेषज्ञों और कोचिंग संस्थानों के अनुसार, पेपर का ओवरऑल स्तर 'मॉडरेट' रहा, लेकिन कुछ सेक्शन वाकई पसीने छुड़ाने वाले थे.
छात्रों का सबसे ज्यादा विरोध सामान्य ज्ञान (GK) को लेकर है. उत्तर प्रदेश से जुड़े सवाल इतने गहरे (Deep) पूछे गए थे जो आमतौर पर PCS या UPSC की तैयारी करने वाले छात्र पढ़ते हैं.
