यूपी के स्टार्टअप्स को योगी सरकार का भरोसा, फाउंडर्स बोले- बढ़ेगा इनोवेशन का दायरा
लखनऊ
उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार के प्रयासों को उस समय और मजबूती मिली, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टार्टअप फाउंडर्स और उनकी टीमों से सीधे संवाद कर उन्हें सरकार के हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक और 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक सौंपे। कार्यक्रम में मौजूद कई स्टार्टअप प्रमुखों ने भी सरकार की नीतियों, सहयोग और प्रोत्साहन व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे यूपी के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए अहम कदम बताया।
एडूबुक के सह-संस्थापक एवं सीईओ अपूर्व बजाज और सीओओ शिवानी मल्होत्रा ने आयोजन के दौरान योगी सरकार की स्टार्टअप नीति की सराहना की। उन्होंने बताया कि उनका स्टार्टअप साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स की शिक्षा देता है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में बच्चों की बायोडाटा तैयार कराकर देश-विदेश में जॉब मेलों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उनके पोर्टल के जरिए छात्रों का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन भी तुरंत हो जाता है, जिसमें पहले आमतौर पर 20 दिन से अधिक समय लगता था।
उन्होंने बताया कि स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए योगी सरकार की ओर से 4.50 लाख रुपये का अनुदान मिला है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स की सुविधा के लिए सरकार की ओर से शुरू किया गया ‘वन पोर्टल, वन विंडो’ अच्छा कदम है। इससे उत्तर प्रदेश में उनके जैसे स्टार्टअप्स के लिए काम करना और फंडिंग प्राप्त करना आसान होगा। उन्होंने बताया कि कंपनी में अब तक 80 लाख रुपये तक का निवेश किया जा चुका है।
कंपनी में महिलाओं को 50 प्रतिशत रोजगार
शिवानी मल्होत्रा ने कहा कि योगी सरकार ने महिला स्टार्टअप फाउंडर्स को भी प्रोत्साहित किया है। इसका सीधा असर प्रदेश में महिलाओं के रोजगार पर पड़ेगा। उनके लखनऊ स्थित कार्यालय में भी 50 प्रतिशत स्टाफ में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
पाइप लाइन से घर-घर तक पानी पहुंचाने का विजन
वीडीटी पाइपलाइन के प्रबंध निदेशक भुवनेश शर्मा ने कहा कि उनकी कंपनी उत्तर प्रदेश में तेल, पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने का काम कर रही है। इसके लिए पाइपलाइन व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यूपी स्टार्टअप समिट में आकर वह काफी खुश हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनसे बातचीत की और प्रदेश के घर-घर तक पानी पहुंचाने को लेकर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उनकी टीम पाइपलाइन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम करेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने जमीन और फंड उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। टीम के अब तक के कार्य के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र भी मिला। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को बीमारू प्रदेश के तौर पर देखा जाता था, लेकिन अब प्रदेश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम का हो रहा विस्तार
सीएम योगी ने सिंह डायनेमिक्स प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक डॉ. अनुशी वर्मा और डॉ. हिमांशु सिंह को स्टार्टअप प्रोत्साहन के तौर पर 4.50 लाख रुपये का चेक सौंपा। डॉ. हिमांशु सिंह ने कहा कि उनकी कंपनी सुरक्षा बलों के लिए छोटे हथियार बनाने का काम कर रही है। इस राशि से कारोबार को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश का स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार विकसित होगा और उनकी कंपनी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास में योगदान दे सकेगी।
यूपी में मिलेगा भरपूर सहयोग
एंड्योरएयर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ रामा कृष्णा ने बताया कि उनकी कंपनी सुरक्षा बलों के लिए ड्रोन बनाने का काम करती है। इनमें लॉजिस्टिक्स, सर्विलांस और अटैक ड्रोन शामिल हैं। उनकी कंपनी में करीब 150 लोग काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से साफ हो गया है कि उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप्स को पहले से भी ज्यादा सहयोग मिलने वाला है। योगी सरकार की नई स्टार्टअप नीति काफी अच्छी है। इसमें जमीन, सुविधाएं, फंडिंग और पूंजी की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा गया है।
योगी सरकार का विजन सराहनीय
त्रिशूल पल्सेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक दियांम को स्टार्टअप में प्रोटोटाइप विकास के लिए पांच लाख रुपये का प्रोत्साहन चेक मिला। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन पर काम कर रही है। साथ ही, उनके उत्पाद एक विदेशी कंपनी को भी सप्लाई किए जा रहे हैं। प्रोटोटाइप तैयार करने में योगी सरकार से मिली ग्रांट काफी उपयोगी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार का विजन और उसके लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।
योगी सरकार में पूरा हो रहा सपना
जेनोमिक्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की सह-संस्थापक डॉ. दीक्षा भारतीया को मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप प्रोत्साहन के रूप में 4.50 लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने बताया कि वह नवजात शिशुओं में होने वाली दुर्लभ बीमारियों पर काम कर रही हैं। भारत में करोड़ों बच्चे ऐसी बीमारियों से प्रभावित हैं। उनका स्टार्टअप नए इनोवेशन के जरिए जन्म के समय बच्चों की हेल्थ स्क्रीनिंग कर रहा है, जिससे बीमारियों की समय रहते पहचान की जा सके।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की कई लैब और अस्पतालों को अपने साथ जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अपने उत्पाद के लिए पेटेंट भी फाइल किया गया है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने इस सपने को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता के साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं। इसका परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में नवाचार और स्टार्टअप्स की संख्या लगातार बढ़ रही है।
