IFS निधि तिवारी की प्रेरणादायक कहानी, साइंटिस्ट की नौकरी छोड़ क्रैक की UPSC; अब PM मोदी की सेक्रेटरी

Share on Social Media

लखनऊ
सफलता किसी बने-बनाए ढर्रे पर नहीं, बल्कि साहसी फैसलों से मिलती है। इस बात को पूरी तरह सच साबित कर दिखाया है भारतीय विदेश सेवा (IFS) की 2014 बैच की अधिकारी निधि तिवारी ने। देश के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थान BARC में साइंटिस्ट की नौकरी छोड़कर देश सेवा के लिए सिविल सर्विसेज की राह चुनना कोई आसान फैसला नहीं था, लेकिन निधि ने अपने आत्मविश्वास से यह कर दिखाया। वर्तमान में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्सनल सेक्रेटरी के रूप में काम कर रहीं हैं। उनकी यह प्रेरक कहानी देश के करोड़ों छात्रों और UPSC अभ्यर्थियों के लिए एक मिसाल बन गई है।

BHU की गोल्ड मेडलिस्ट और BARC में साइंटिस्ट
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की रहने वाली निधि तिवारी बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में बहुत होनहार थीं। उन्होंने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा और ग्रेजुएशन लखनऊ से ही पूरी की। इसके बाद उन्होंने प्रतिष्ठित बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बायोकेमिस्ट्री में पोस्ट ग्रेजुएशन (M.Sc) किया, जहां उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया। पढ़ाई पूरी होते ही उनका चयन 'भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर' (BARC) में साइंटिस्ट के पद पर हो गया।

2008 में साइंटिस्ट की नौकरी छोड़ शुरू की UPSC की तैयारी
अधिकांश लोग भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर जैसी संस्था में साइंटिस्ट की सरकारी नौकरी मिलने के बाद आगे की राह तय मान लेते हैं। लेकिन निधि तिवारी का सपना देश की नीति-निर्माण और कूटनीतिक व्यवस्था में सीधा योगदान देने का था। UPSC के लिए उनके जुनून के चलते उन्होंने वर्ष 2008 में साइंटिस्ट की नौकरी छोड़ दी और यूपीएससी की कठिन तैयारी में जुट गईं।

कड़ा संघर्ष और UPSC में 96वीं रैंक
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (CSE) का सफर आसान नहीं था। वर्ष 2012 की परीक्षा में उनका नाम वेटिंग लिस्ट में आया था, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं खोई और लगातार प्रयास जारी रखा। आखिरकार, यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2013 में निधि तिवारी ने अपनी मेहनत के दम पर ऑल इंडिया 96वीं रैंक हासिल की। अच्छी रैंक के कारण उन्हें 2014 बैच में भारतीय विदेश सेवा (IFS) का कैडर मिला।

विदेश मंत्रालय से लेकर NSA अजीत डोभाल संग किया काम
IFS अधिकारी बनने के बाद निधि तिवारी ने विदेश मंत्रालय (MEA) में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। नवंबर 2022 में वे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में अंडर सेक्रेटरी के रूप में शामिल हुईं और जनवरी 2023 में उन्हें प्रमोट करके डिप्टी सेक्रेटरी बना दिया गया। PMO में उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के साथ विदेश और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील मामलों पर काम किया। उनके बेहतरीन काम को देखते हुए ही उन्हें अब पीएम मोदी की पर्सनल सेक्रेटरी का अहम पद सौंपा गया है।

छात्रों के लिए सबसे बड़ा सबक
निधि तिवारी की यह सफलता कहानी छात्रों को सिखाती है कि यदि आपके अंदर कुछ बड़ा हासिल करने का जज्बा है, तो अपनी कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर जोखिम उठाने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। कड़ी लगन और निरंतर प्रयास से किसी भी कठिन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *