राजस्थान में जनशिकायतों पर सख्ती, मुख्य सचिव ने त्वरित समाधान के दिए निर्देश

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जयपुर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार नागरिक सुविधाओं से जुड़े परिवादों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि परिवाद दर्ज होने से लेकर उसके समाधान तक की पूरी प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे प्रत्येक नागरिक को यह अनुभव हो कि शासन उसकी समस्या के प्रति संवेदनशील है और उसे समय पर राहत मिल रही है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवाद के समाधान को नागरिकों के विश्वास से जोड़ते हुए परिवाद निवारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, उत्तरदायी एवं जन-केंद्रित बनाया जाए।

मुख्य सचिव ने शुक्रवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क (181) कॉल सेंटर पहुंचकर सार्वजनिक निर्माण विभाग, स्वायत्त शासन विभाग, पंचायती राज विभाग, नगरीय विकास एवं आवासन, ग्रामीण विकास एवं ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नागरिक सुविधाओं से जुड़े परिवादों की समीक्षा की। उन्होंने विभागवार परिवादों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग, त्वरित निस्तारण एवं दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने नागरिक सुविधाओं से संबंधित कुल 46 हजार 214 परिवादों की विभागवार स्थिति का भी अवलोकन किया। इनमें ऊर्जा विभाग के 25 हजार 488, स्वायत्त शासन विभाग के 16 हजार 689, सार्वजनिक निर्माण विभाग के 1 हजार 798, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के 1 हजार 373, पंचायती राज विभाग के 591 तथा ग्रामीण विकास विभाग के 275 परिवाद शामिल हैं। उन्होंने जिन विभागों में शिकायतों की संख्या अधिक है, वहां नियमित समीक्षा, बेहतर समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई के माध्यम से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान मुख्य सचिव ने राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से दौसा निवासी गौरव से दूरभाष पर संवाद कर उनकी बिजली संबंधी शिकायत के समाधान की जानकारी ली। परिवादी द्वारा समाधान पर संतोष व्यक्त किए जाने पर उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत के समाधान में यही संवेदनशीलता और तत्परता दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग को सड़कों से संबंधित शिकायतों के शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव  सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रवीण गुप्ता, शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग श्री रवि जैन, शासन सचिव  आयोजना डॉ. रवि कुमार सुरपुर, शासन सचिव उर्जा विभाग सुश्री आरती डोगरा  ने भी अपने-अपने विभागों से संबंधित परिवादियों से सीधे संवाद कर शिकायतों के समाधान का फीडबैक प्राप्त किया तथा सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य सचिव एवं सचिव स्तर तक राजस्थान संपर्क पोर्टल पर प्राप्त जन शिकायतों की नियमित समीक्षा की जा रही है। इस माह एक जुलाई से 31 जुलाई, 2026 की अवधि में पोर्टल पर लगभग 4 लाख 63 हजार परिवाद प्राप्त हुए, जिनमें से 3 लाख 2  हजार 390 परिवादों का निस्तारण किया गया है, जबकि 1 लाख 60 हजार 862 परिवाद प्रक्रियाधीन हैं। इस अवधि में शिकायतों के औसत निस्तारण की अवधि 8 दिन रही। शिकायतों के निस्तारण के उपरांत प्राप्त फीडबैक के आधार पर लगभग 71 प्रतिशत परिवादियों ने समाधान पर संतोष व्यक्त किया है।

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