श्रीगंगानगर में बारिश से खरीफ फसलों को मिली नई जिंदगी, किसान खुश
श्रीगंगानगर
दो दिन पहले तक सूखी मिट्टी, पत्तियों पर पड़ी गर्मी की मार और सिंचाई पानी की कमी से जूझ रहे जिले के खेत अब राहत की सांस ले रहे हैं। जिले में कहीं हल्की तो कहीं अच्छी बारिश ने खरीफ फसलों में नई जान फूंक दी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर हुई यह वर्षा उत्पादन और गुणवत्ता, दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। कृषि प्रधान श्रीगंगानगर जिले में इस बार खरीफ सीजन में 5 लाख 27 हजार 291 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है। इसमें सबसे अधिक मूंग 2 लाख 3 हजार 253 हेक्टेयर, नरमा-कपास 1 लाख 56 हजार 60 हेक्टेयर तथा ग्वार 1 लाख 25 हजार 544 हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई है। पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने और सिंचाई पानी की कमी के कारण फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही थी। ऐसे में अब हुई बारिश किसानों के लिए किसी राहत पैकेज से कम नहीं मानी जा रही।
खरीफ फसलों को नया जीवन मिलेग
मौसम विभाग के अनुसार जिले में पिछले दो दिनों में श्रीगंगानगर,अनूपगढ़, केसरीसिंहपुर,रायसिंहनगर, जैतसर और सहित कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा हुई,जबकि कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश दर्ज की गई। हुणतपुरा के किसान पप्पू भाटी का कहना है कि बारिश से खेतों में नमी लौटी है और खरीफ फसलों को नया जीवन मिला है। अब किसानों की उम्मीदें भी फिर से हरी हो गई हैं। वहीं सेवानिवृत्त उप निदेशक मिलिंद सिंह के अनुसार नरमा, कपास, मूंग, ग्वार, मोठ, गन्ना और बागवानी फसलों की ग्रोथ तेज होगी तथा उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार की संभावना है।
खरीफ फसलों को और मजबूती मिलेगी
हालांकि,जिले में इस वर्ष अब तक 95 मिमी वर्षा ही दर्ज हुई है, जबकि सामान्य वार्षिक वर्षा 327 मिमी है। मई में 9.60 मिमी, जून में 71.90 मिमी और जुलाई में अब तक केवल 13.50 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई थी। जुलाई की सुस्ती से खेतों की नमी लगातार घट रही थी, लेकिन अब मौसम ने राहत दी है। कृषि अनुसंधान केंद्र (एआरएस) श्रीगंगानगर के सहायक आचार्य डॉ.रघुवीर सिंह मीणा के अनुसार भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत 30 जुलाई तक मानसून के दोबारा सक्रिय होने और अच्छी बारिश की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों को और मजबूती मिल सकती है।
खरीफ की तस्वीर
कुल खरीफ बुवाई : 5,27,291 हेक्टेयर
श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर बुधवार को वर्षा: 18 मिमी
इस वर्ष अब तक कुल वर्षा : 95 मिमी
सामान्य वार्षिक वर्षा : 327 मिमी
वर्जन
"दो दिन में हुई बारिश खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए काफी लाभदायक है। यदि आगामी दिनों में भी अच्छी वर्षा होती है तो उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।"
-डॉ.सतीश कुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक (कृषि) विस्तार,श्रीगंगानगर।
