राजनीतिक नियुक्तियां जल्द, निगम-मंडलों के तीन दर्जन नामों की सूची तैयार, मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होगा अभी
भोपाल
प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर लंबे समय से जारी इंतजार अब खत्म होने वाला है। सत्ताधारी दल के शीर्ष नेतृत्व ने निगम-मंडलों, प्राधिकरणों और विभिन्न सरकारी संगठनों में नियुक्तियों के लिए करीब तीन दर्जन नामों का प्रस्ताव तैयार किया है। यह सूची हाल ही में दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दी गई है। अंतिम मुहर लगने के बाद औपचारिक घोषणा की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित सूची में संगठन और सरकार से जुड़े ऐसे नेताओं को प्राथमिकता दी गई है, जो लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन अब तक किसी महत्वपूर्ण दायित्व से वंचित रहे हैं। सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है।
चरणबद्ध होंगी नियुक्तियां
बताया जा रहा है कि नियुक्तियां चरणबद्ध तरीके से की जाएंगी। कुछ प्रमुख निगमों और प्राधिकरणों में पहले चरण में नियुक्ति आदेश जारी हो सकते हैं, जबकि शेष पदों पर बाद में निर्णय लिया जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि इन नियुक्तियों से संगठन में उत्साह बढ़ेगा और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा मिलेगी।
लंबे समय से टल रहा निर्णय
बता दें, कि लोकसभा चुनाव के बाद से ही इन नियुक्तियों को लेकर चर्चा चल रही थी। कई बार सूची तैयार होने की बात सामने आई, लेकिन अंतिम निर्णय टलता रहा। अब माना जा रहा है कि इसी माह कभी भी इस संबंध में आधिकारिक रूप से सूची जारी की जा सकती है। भाजपा बचे हुए मोर्चो की कार्यकारिणी, जिला कार्यकारिणी, मंडल पदाधिकारियों, एल्डर मैन समेत अन्य पदों पर नियुक्ति के आदेश जल्द जारी करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आगामी नगरीय निकाय और अन्य चुनावों को देखते हुए संगठनात्मक संतुलन बनाना पार्टी की प्राथमिकता है। ऐसे में इन नियुक्तियों को रणनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
मंत्रिमंडल विस्तार अभी नहीं, प्रदेश कार्यसमिति की बैठक अगले माह
उधर, मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें जारी हैं। सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल का विस्तार तय माना जा रहा है, लेकिन यह प्रक्रिया अभी नहीं होगी और इसके लिए करीब दो से तीन महीने का समय लग सकता है। वहीं, मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक अप्रैल में होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि इसके बाद प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हर तीन महीने में नियमित रूप से आयोजित की जा सकती है।
