भारत-अफगानिस्तान की बढ़ती नजदीकियों से बौखलाया पाकिस्तान, सेना ने दिया विवादित बयान
लाहौर
भारत और अफगानिस्तान के मजबूत होते रिश्तों को देखकर पाकिस्तान फिर से बौखला गया है. पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद विवादित बयान दिया है. उन्होंने दोनों देशों के बीच की नजदीकी पर सवाल उठाते हुए धार्मिक संदर्भों का इस्तेमाल किया है.
दरअसल, हाल ही में अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के एक मंत्री ने भारत का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने कहा था कि भारत और अफगानिस्तान के लोगों का डीएनए एक ही है. उन्होंने दोनों देशों के बीच पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्तों की बात कही थी. उनके इसी बयान से पाकिस्तान की सेना भड़क गई है.
तालिबान मंत्री के बयान पर जवाब देते हुए पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता ने कुरान की एक आयत का जिक्र कर दिया. उन्होंने कहा कि मुसलमानों को काफिरों यानी गैर मुसलमानों को अपना दोस्त या रक्षक नहीं बनाना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा, 'हम शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने (अफगान) यह बात मान ली. मैं आम अफगान लोगों की बात नहीं कर रहा हूं. मैं तालिबान सरकार की बात कर रहा हूं. आम अफगान जनता इस सरकार के जुल्म से परेशान है. दोनों का डीएनए एक जैसा नहीं हो सकता.'
'तालिबान-भारत के बीच मालिक-गुलाम का रिश्ता'
पाकिस्तानी प्रवक्ता इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने भारत की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और आरएसएस पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि तालिबान और भारत के बीच 'मालिक और गुलाम' जैसा रिश्ता है.
पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा, 'भारतीय बीजेपी या आरएसएस और तालिबान शासन के बीच का असली रिश्ता मालिक और गुलाम का है. भारत में दमनकारी व्यवस्था उनकी मालिक है, और वे उसके नौकर हैं. आरएसएस क्या कर रहा है? यह तथाकथित 'हिंदू राष्ट्र' क्या कर रहा है? यह मुसलमानों का उत्पीड़न कर रहा है, कश्मीरी लोगों का उत्पीड़न कर रहा है, अन्याय कर रहा है. और वे (तालिबान) क्या कर रहे हैं? वे उनसे भी बढ़कर उस एजेंडे की सेवा कर रहे हैं. यह किस तरह का इस्लाम है? वे उससे भी बड़ा अहित कर रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि तालिबान सरकार भारत के इशारों पर काम कर रही है. हालांकि, भारत हमेशा से पाकिस्तान के इन आरोपों को खारिज करता रहा है.
पाक सेना के प्रवक्ता ने तालिबान सरकार पर भी तीखे सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यह सरकार महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार कर रही है. बैठे-बैठे फतवे जारी कर रही है. उनका दावा था कि तालिबान की इन हरकतों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है.
वहीं इस पूरी बयानबाजी पर भारतीय खुफिया सूत्रों का मानना है कि पाकिस्तान इस वक्त बहुत बड़े आंतरिक संकट से गुजर रहा है. बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में आए दिन आतंकी हमले हो रहे हैं. वहां की जनता सरकार और सेना से नाराज है.
इसके अलावा, चीन की CPEC परियोजनाओं की सुरक्षा को लेकर भी पाकिस्तान पर भारी दबाव है. अपनी इन्हीं नाकामियों से अपने देश की जनता का ध्यान भटकाने के लिए पाक सेना इस तरह की बयानबाजी कर रही है. पाकिस्तान के पास भारत के खिलाफ कोई सबूत नहीं है. वह सिर्फ अपनी गलतियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की कोशिश कर रहा है.
