यूपी में पूर्व अग्निवीरों को बड़ा तोहफा, वन रक्षक भर्ती में मिलेगा 20% आरक्षण
लखनऊ
प्रदेश सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसरों का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस और पीएसी के बाद अब वन रक्षक (फारेस्ट गार्ड) एवं वन्यजीव रक्षक (वाइल्डलाइफ गार्ड) की सीधी भर्ती में भी 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय किया है। इसके लिए भर्ती नियमावली में संशोधन किया जा रहा है।
यह सुविधा उन अग्निवीरों को मिलेगी, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी की है। पूर्व अग्निवीरों को यह आरक्षण भूतपूर्व सैनिकों की तर्ज पर मिलेगी। यह आरक्षण संबंधित श्रेणी के भीतर लागू होगा। यानी सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को उनकी-अपनी श्रेणी के 20 प्रतिशत पदों पर इसका लाभ मिलेगा
बिहार ने भी हाल ही में वन रक्षक भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने के नियम बनाए हैं। अब योगी सरकार ने भी वन रक्षक और वन्यजीव रक्षक की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को समायोजित करने का निर्णय लिया है। यह आरक्षण भविष्य में होने वाली सभी भर्तियों में मिलेगा।
विभागीय प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने प्रधान मुख्य मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी को इस संबंध में उप्र अवर अधीनस्थ वन (वन रक्षक/वन्यजीव रक्षक) सेवा नियमावली-2015 के नियम-4 और नियम-6 में संशोधन के निर्देश दिए गए हैं।
इस व्यवस्था के बावजूद आरक्षण की कुल सीमा 50 प्रतिशत तक ही होगी। इसका लाभ प्रदेश के ही पूर्व अग्निवीरों को दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे वन एवं वन्यजीव संरक्षण जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को प्रशिक्षित और अनुशासित मानव संसाधन मिलेगा, वहीं पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास को भी मजबूती मिलेगी।
स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स में भी रखने पर विचार
टाइगर रिजर्व में तैनात रहने वाली स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स में भी पूर्व अग्निवीरों को रखने पर विचार चल रहा है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने इसका एक प्रस्ताव सरकार को भेजा है। चूंकि अभी प्रोटेक्शन फोर्स का गठन नहीं हुआ है, इसलिए इन्हें रखने की संभावना है। दुधवा टाइगर रिजर्व में यह फोर्स पहले से गठित है। इसमें पुलिस व पीएसी के जवान ही डेपुटेशन पर रखे गए हैं।
आंकड़ों की जुबानी
वन रक्षकों के कुल पद-3913
कार्यरत-2192
वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया-700
वर्तमान में रिक्त पद-1021
