राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 6 IAS और 7 RAS अधिकारियों के तबादले
जयपुर
राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी और प्रशासनिक ढांचे में राज्य सरकार ने शुक्रवार देर रात बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 6 और राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के 7 अधिकारियों के तबादले एवं पदस्थापन आदेश जारी कर दिए हैं। कार्मिक विभाग (DoP) की ओर से जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, 2010 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कुमारी प्रज्ञा केवलरमानी को जनजाति क्षेत्र विकास (TAD) आयुक्त का कार्यभार सौंपा गया है। वहीं, पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा (APO) कर रहे 2013 बैच के आईएएस अधिकारी खजान सिंह को उदयपुर का नया संभागीय आयुक्त नियुक्त किया गया है। इसके अलावा लंबे समय से एपीओ चल रहे दो अन्य आईएएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय और सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस में तैनात किया गया है।
कार्मिक विभाग द्वारा जारी इस आदेश में आगामी प्रस्तावित शहरी स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों का हवाला देते हुए सभी स्थानांतरित अधिकारियों को बिना किसी कार्यग्रहण काल या अवकाश का उपयोग किए तुरंत प्रभाव से अपने नए पदों पर कार्यभार संभालने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार 6 आईएएस अधिकारियों के प्रशासनिक दायित्वों में बड़ा बदलाव किया गया है, जिसमें 2 संयुक्त शासन सचिव भी बदले गए हैं-
कुमारी प्रज्ञा केवलरमानी (IAS 2010): उदयपुर संभागीय आयुक्त के पद से स्थानांतरित कर आयुक्त, जनजाति क्षेत्र विकास (TAD) उदयपुर के पद पर लगाया गया है। साथ ही इन्हें आयुक्त, देवस्थान विभाग, उदयपुर का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।
एच. गुईटे (IAS 2011): APO अवधि से हटाकर विशेषाधिकारी, सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस, HCM रीपा, जयपुर के पद पर पदस्थापित किया गया है।
अविचल चतुर्वेदी (IAS 2012): APO चल रहे अविचल चतुर्वेदी को आयुक्त (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण), खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय, जयपुर की कमान सौंपी गई है।
खजान सिंह (IAS 2013): पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा (APO) से हटाकर उदयपुर का नया संभागीय आयुक्त (Divisional Commissioner) बनाया गया है।
सोहन लाल (IAS 2020): अतिरिक्त आयुक्त, वाणिज्यिक कर (कर अपवंचन) विभाग, जयपुर के पद से स्थानांतरित कर संयुक्त शासन सचिव, कृषि (ग्रुप-2) विभाग, जयपुर के पद पर नियुक्त किया गया है।
दिव्यांश सिंह (IAS 2022): उपखंड अधिकारी एवं उपखंड मजिस्ट्रेट, ब्यावर के पद से हटाकर संयुक्त शासन सचिव, शिक्षा विभाग, राजस्थान, जयपुर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
RAS तबादले : नए अधिकारियों की तैनाती
प्रशासनिक मशीनरी को निचले स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से कार्मिक विभाग ने 7 RAS अधिकारियों के भी तबादले किए हैं, जिनमें 5 उपखंडों (Sub-Divisions) के एसडीएम बदल दिए गए हैं:
राज लक्ष्मी गहलोत: अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) से स्थानांतरित कर अतिरिक्त जिला कलेक्टर (भू-अभिलेख), चित्तौड़गढ़ के रिक्त पद पर तैनात किया गया है।
जगत राजेश्वर: शासन उप सचिव, कृषि (ग्रुप-2) विभाग, जयपुर के पद से हटाकर उप सचिव, राजस्थान राज्य महिला आयोग, जयपुर के रिक्त पद पर लगाया गया है।
जयपाल सिंह राठौड़: उपायुक्त, अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) के पद से स्थानांतरित कर उपखंड अधिकारी (SDM), ब्यावर के पद पर IAS दिव्यांश सिंह के स्थान पर लगाया गया है।
कार्तिकेय मीणा: जिला रसद अधिकारी (DSO), कोटा के पद से हटाकर उपखंड अधिकारी (SDM), अकलेरा (झालावाड़) बनाया गया है।
पूजा मीणा: भूमि अवाप्ति अधिकारी, ERCP प्रोजेक्ट, जल संसाधन विभाग, अलवर से स्थानांतरित कर उपखंड अधिकारी (SDM), भवानीमंडी (झालावाड़) के रिक्त पद पर पदस्थापित किया गया है।
सुनीता यादव-III: कार्यकारी निदेशक (परिवेदना निस्तारण), राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी, जयपुर के पद से हटाकर उपखंड अधिकारी (SDM), नोहर (हनुमानगढ़) के पद पर तैनात किया गया है।
बनवारी लाल बैरवा: उपखंड अधिकारी, अकलेरा (झालावाड़) से स्थानांतरित कर सहायक कलेक्टर, भादरा (हनुमानगढ़) के रिक्त पद पर लगाया गया है।
पिछला तबादला आदेश निरस्त
कार्मिक विभाग ने अपने इस नए आदेश के साथ ही 17 अगस्त 2026 को जारी किए गए एक पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया है। उस आदेश के तहत सुशील कुमार सैनी (RAS) का तबादला सहायक कलेक्टर (मुख्यालय), सीकर से उपखंड अधिकारी, नोहर (हनुमानगढ़) के पद पर किया गया था, जिसे अब तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
कार्मिक विभाग ने दी सख्त चेतावनी
आगामी निकाय व पंचायत चुनावों के मद्देनजर विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित विभागाध्यक्ष और जिला कलेक्टर अपने अधीन स्थानांतरित अधिकारियों को बिना रिलीवर का इंतजार किए तुरंत नए पदस्थापन स्थल के लिए कार्यमुक्त करें। अधिकारियों को अपने नए पद का कार्यभार ग्रहण कर रिपोर्ट ईमेल के माध्यम से तुरंत भेजने के निर्देश दिए गए हैं। आदेशों की अवहेलना करने या देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
