श्रावण में बाबा महाकाल के दर्शन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, 3 अगस्त को निकलेगी पहली शाही सवारी

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 उज्जैन
 विश्वप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर (Mahakal Mandir Ujjain) में श्रावण मास का पहला वीकेंड (शनिवार, रविवार और सोमवार) शनिवार से शुरू हो रहा है। इस दौरान लगातार तीन दिन देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। मंदिर समिति ने सामान्य श्रद्धालुओं, शीघ्र दर्शन टिकटधारियों और कावड़ यात्रियों के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं दर्शन की व्यवस्था लागू की है।

भीड़ बढ़ने पर नंदी हाल व परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। सामान्य दर्शनार्थियों को श्री महाकाल महालोक (Mahakal Lok Corridor) स्थित नंदी द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। श्रद्धालु मानसरोवर फैसेलिटी सेंटर, महाकाल टनल से होते हुए गणेश मंडपम तक पहुंचेंगे और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार करीब 50 फीट की दूरी से भगवान महाकाल के दर्शन (Mahakaleshwar Live Darshan) कर सकेंगे। शीघ्र दर्शन टिकटधारी और कावड़ यात्री नंदी हाल के पीछे प्रथम बैरिकेड से दर्शन करेंगे।

मंदिर समिति ने शीघ्र दर्शन टिकटधारी (Mahakaleshwar VIP Darshan Ticket) श्रद्धालुओं तथा कावड़ यात्रियों के लिए मंदिर में प्रवेश के लिए भी अलग व्यवस्था की है। इन श्रद्धालुओं को हरसिद्धि चौराहा तथा अवंतिका द्वार (गेट नंबर-1) से प्रवेश दिया जाएगा। कावड़ यात्री और शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालु सभा मंडप में लगाए गए विशेष जल पात्रों से भगवान महाकाल का जलाभिषेक भी कर सकेंगे।

महाकाल दर्शन को उमड़ेगा जनसैलाब
उज्जैन स्टेशन पर होगी रिकॉर्ड भीड़
रेलवे ने बढ़ाए सुरक्षा इंतजाम
सावन में हाई अलर्ट पर प्रशासन

सावन मास में एक बार फिर उज्जैन आस्था की राजधानी बनती नजर आएगी। भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ेगा कि मंदिर परिसर से लेकर उज्जैन रेलवे स्टेशन तक हर जगह भक्तों की लंबी कतारें नजर आएंगी। प्रशासन के अनुसार केवल एक दिन में करीब 95 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। ऐसे में सावन ये पहले बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे, पुलिस और जिला प्रशासन को अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े।

महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती गई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से अधिक सख्त रखी गई और पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई।

महाकाल मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ का सीधा असर उज्जैन रेलवे स्टेशन पर भी दिखाई दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रेनों के माध्यम से उज्जैन पहुंचे। स्टेशन के प्लेटफॉर्म यात्रियों से खचाखच भरे नजर आए। ट्रेनों के पहुंचते ही यात्रियों की लंबी कतारें स्टेशन से बाहर निकलती दिखाई दीं। वापसी के दौरान भी ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिली।

रेलवे प्रशासन के लिए भी यह दिन चुनौतीपूर्ण रहा। यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक होने के कारण स्टेशन पर अतिरिक्त टिकट काउंटर, सुरक्षा कर्मी और रेलवे स्टाफ की तैनाती की गई। यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक सुरक्षित पहुंचाने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रबंधन किया गया। रेलवे अधिकारियों ने लगातार उद्घोषणाओं के माध्यम से यात्रियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।

सावन के पहले सोमवार के अवसर पर महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं में मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य राज्यों से आए भक्त भी बड़ी संख्या में शामिल होगी। कई श्रद्धालु परिवार के साथ तो कई कांवड़ यात्रा और धार्मिक समूहों के रूप में उज्जैन पहुंचेंगे। मंदिर परिसर में “हर-हर महादेव” और “जय महाकाल” के जयघोष पूरे दिन गूंजते सुनाई देंगे।

भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग-अलग कतारों का संचालन किया है। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिक उपचार केंद्र सक्रिय रखे गए है। जबकि नगर निगम ने साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए है। प्लेटफॉर्मों पर सुरक्षा बल लगातार निगरानी करते रहे। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की गई और यात्रियों को निर्धारित मार्गों से आने-जाने की सलाह दी गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सावन के सभी सोमवारों पर इसी तरह की भीड़ की संभावना को देखते हुए विशेष निगरानी रखी जाएगी।

धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी यह भीड़ उज्जैन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। होटल, धर्मशालाएं, परिवहन सेवाएं और स्थानीय बाजारों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही से रौनक बढ़ी। व्यापारियों का कहना है कि सावन के पहले सोमवार से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है।

सावन की शुरुआत के साथ ही महाकाल नगरी एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंग गई है। रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने यह साबित कर दिया कि बाबा महाकाल के प्रति आस्था लगातार बढ़ रही है। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा मिलती रहे।

प्रोटोकाल व नंदी हाल की व्यवस्था
मंदिर समिति ने श्रावण भाद्रपद मास में भीड़ की स्थिति के आधार पर नंदी मंडपम व मंदिर परिसर में प्रवेश की व्यवस्था लागू की है। शुक्रवार को भीड़ अधिक होने पर कुछ विशेष विभाग व राजनीतिक दल को छोड़कर शेष प्रोटोकाल बंद कर दिए गए।

प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया भीड़ की स्थिति के आधार पर प्रोटोकाल व नंदीहाल में प्रवेश लागू किया जाएगा। वैसे भी आम श्रद्धालुओं का नंदी मंडपम से कोई लेना देना नहीं है, आम भक्तों की दर्शन व्यवस्था निर्बाध जारी रहेगी।

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