कोटा मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी, एक महिला की मौत से हड़कंप
कोटा
कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान प्रसूताओं का स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले को राज्य सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने घटना की पूरी जानकारी ली. प्रसूताओं के इलाज के लिए सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से 4 विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम कोटा भेजने के निर्देश दिए. साथ ही निष्पक्ष एवं त्वरित जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं.
2 प्रसूताओं की हालत क्रिटिकल
इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अस्पताल पहुंचकर प्रसूताओं के बेहतर इलाज के निर्देश दिए. परिजन जल्द ठीक होने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं. कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती 5 में से 2 की हालत क्रिटिकल बताई जा रही है. अन्य तीन की हालत में हल्का सुधार बताया जा रहा है. अस्पताल में भर्ती पांचों प्रसूताओं को कुछ घंटे के लिए गहन ऑब्जर्वेशन में रखा गया है.
इटावा की रागनी अस्पताल में भर्ती हैं, उनके पिता और भाई ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि उसकी तबीयत में सुधार हो. कोटा की रहने वाली ज्योति की हालत गंभीर बताई जा रही है. ज्योति के भाई संतोष ओर परिवार के लोग चिंतित हैं.
जयपुर से 5 डॉक्टर की टीम भेजा
सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज जयपुर से निश्चेतना विभाग के डॉ. निहार शर्मा, मेडिसिन विभाग के डॉ. सुनील कुमार महावर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के डॉ. पवन अग्रवाल, नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. संजीव कुमार शर्मा को कोटा भेजा गया है. ये इलाज में सहयोग करेंगे.
एक प्रसूता की मौत हो गई
कोटा के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गायनिक वार्ड में भर्ती 6 प्रसूताओं की तबीयत बुधवार को अचानक बिगड़ गई, जिनमें से 1 महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई. बाकी 5 महिलाओं की हालत अभी चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें तुरंत नेफ्रोलॉजी और गायनिक वार्ड में शिफ्ट किया गया है. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ के गलत दवा या इंजेक्शन देने के कारण यह घटना हुई है.
