मथुरा में गरजे CM योगी, बोले- हम राम-कृष्ण को मानने वाले, बाबर-औरंगजेब के विचारों के विरोधी
मथुरा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद आयोजित कार्यक्रम में कहा कि उनकी सरकार प्रभु श्री राम, कृष्ण कन्हैया, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है. उन्होंने कहा कि 1528 में विदेशी आक्रांताओं ने अयोध्या में आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था, लेकिन जो खुद को अविजित मानते थे वे आज समाप्त हो चुके हैं. सीएम योगी ने चेतावनी दी कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी अपनी आदतों से मजबूर होकर फिर से समाज में विष वमन करने और राष्ट्रविरोधी तत्वों के हौसले बढ़ाने में जुटे हैं।
विरासत और जन आस्था पर योगी का बयान
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि योग माया के प्रति अटूट आस्था की वजह से ही विंध्यवासिनी धाम को एक भव्य परिसर मिल सका है. उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों की आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, वे जनता की आस्था को कभी सम्मान नहीं दे पाएंगे. सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि जिनकी आस्था आक्रांताओं में है, वे धार्मिक भावनाओं का आदर नहीं कर सकते।
सुरक्षा और खुशहाली पर खतरे का जिक्र
मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर हमला बोलते हुए कहा कि ये तत्व समाज में जहर घोलकर आम जनता की सुरक्षा में सेंध लगाना चाहते हैं. वे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने, बहनों-बेटियों की सुरक्षा को खतरे में डालने, किसानों की खुशहाली पर डकैती डालने और उभरते हुए कारीगरों व हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
डबल इंजन सरकार का कड़ा संदेश
सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि समाज विरोधी और राष्ट्र विरोधी तत्वों की इन साजिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार इन सभी गलत मंसूबों पर पूरी तरह पानी फेरेगी. सरकार जनता की सुरक्षा, समृद्धि और विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इन मंसूबों को कभी पूरा नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा- 5200 वर्ष पूर्व धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए श्री हरि विष्णु के पूर्ण अवतार के रूप में श्री कृष्ण कन्हैया इसी पवित्र स्थल पर प्रकट हुए थे. अनेक आक्रमणों और आस्था थोपने के प्रयासों के बावजूद सनातन धर्म को कोई मिटा नहीं सका. जिन लोगों ने इसे मिटाने का दुस्साहस किया, वे खुद मिट्टी में मिल गए. आज भी ब्रजभूमि में श्री कृष्ण और राधा रानी की स्मृतियां भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
