भारत टैक्सी से सारथी बनेंगे मालिक, राजस्थान में नई शुरुआत

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 जयपुर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत टैक्सी नागरिकों को रोजगार देने के साथ ही स्वामित्व और सम्मान प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। व्यक्ति में स्वामित्व की भावना विकसित होने से उसकी कार्यक्षमता, आत्मविश्वास और समर्पण भी कई गुना बढ़ जाता है और यही भावना भविष्य में छोटे उद्यमियों को बड़े उद्योगपति बनने की दिशा में प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी सहकारिता आधारित स्वामित्व मॉडल है, जिसके माध्यम से सारथी अब मालिक भी बन रहे है।

मुख्यमंत्री शनिवार को एचसीएम रीपा में भारत टैक्सी के शुभारम्भ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की दूरदर्शी सोच से देश में ‘सहकार से समृद्धि’ का संकल्प नए आयाम स्थापित कर रहा है। केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार भी इसी सोच को धरातल पर लागू कर रही है तथा सहकारिता के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है। हमारी सरकार ने लगभग 10 लाख नए सदस्यों को सहकारी संस्थाओं से जोड़ने का कार्य किया है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय सहकारिता सीमित लोगों के नियंत्रण का माध्यम बन गई थी।

मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम में सहकार टैक्सी को-ऑपरेटिव द्वारा आरसीडीएफ, नगर निगम, जयपुर मेट्रो एवं राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। इस दौरान 6 सर्वश्रेष्ठ सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र वितरित किया गया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने भारत टैक्सी के 100 से अधिक कैब, बाइक और ऑटो के समूह को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

सारथी के अधिकारों की रक्षा और भविष्य की सुरक्षा होगी सुनिश्चित
उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी में वाहन चालक सारथी के रूप में स्वयं भागीदार और सहस्वामी हैं। इससे उनकी आय पर किसी प्रकार के अतिरिक्त कमीशन या अन्य कटौती नहीं होगी और उन्हें अपनी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में पांच लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे उनके अधिकारों की रक्षा और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

भारत टैक्सी से जुड़े 30 हजार से अधिक सारथी
उन्होंने कहा कि जयपुर में भारत टैक्सी के सॉफ्ट लॉन्च के बाद अब तक 30 हजार से अधिक सारथी इससे जुड़ चुके हैं तथा लगभग सात लाख ग्राहक इस प्लेटफॉर्म का हिस्सा बन चुके हैं। इसके माध्यम से प्रतिदिन हजारों यात्राएं पूरी हो रही हैं। यह सहकारिता आधारित डिजिटल मॉडल के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भारत टैक्सी देश ही नहीं, बल्कि विश्व का सबसे सफल सहकारिता आधारित मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित भारत-2047 और विकसित राजस्थान-2047 के विजन के अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय के विकास का रोडमैप तैयार कर रही है। इसमें स्थानीय संसाधनों, कृषि उत्पादन, हस्तशिल्प, वस्त्र उद्योग, रोजगार संभावनाओं तथा प्रोसेसिंग इकाइयों के विकास को प्राथमिकता दी गई है, ताकि गांवों में रोजगार बढ़े।

उन्होंने कहा कि राजस्थान जीरा, ईसबगोल, सरसों सहित अनेक उपज में देश के अग्रणी राज्यों में है। हमारी सरकार द्वारा कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों की आय एवं युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सकेगी। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी राजस्थान लगातार प्रगति कर रहा है। ढाई वर्षों में दूध संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा आगामी वर्षों में इसे और विस्तार दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध राज्य है। यहां मरुस्थल, झीलें, वन्यजीव अभयारण्य, ऐतिहासिक दुर्ग, हवेलियां तथा प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। भारत टैक्सी के माध्यम से पर्यटकों को सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 4 जुलाई को जयपुर मेट्रो फेज-2 का वर्चुअल शिलान्यास किया था। जयपुर में मेट्रो विस्तार से भी भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म को लाभ मिलेगा।

सहकारिता बन रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला
 केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री
केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र देश के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता अब केवल ऋण और साख समितियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कृषि, डेयरी, मत्स्य, बीमा, निर्यात और परिवहन सहित अनेक क्षेत्रों में आमजन के सशक्तीकरण का आधार बन रही है। सहकारिता आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद देश में सहकारिता क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं। पिछले पांच वर्षों में मंत्रालय द्वारा पैक्स के कम्प्यूटरीकरण, ई-पैक्स व्यवस्था, बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के विस्तार तथा किसानों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए नई संस्थाओं का गठन शामिल है।

केन्द्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी सहकारिता मंत्रालय की एक अभिनव पहल है, जिसमें ‘सारथी ही मालिक’ की अवधारणा को साकार किया गया है। इस व्यवस्था में टैक्सी चालक केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि सहकारी संस्था का सदस्य और भागीदार भी होगा। उसे यात्रा का भुगतान सीधे प्राप्त होने के साथ-साथ संस्था के लाभांश में भी हिस्सेदारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब तक देशभर में लगभग 8 लाख सारथी और 41 लाख ग्राहक इस सेवा से जुड़ चुके हैं तथा प्रतिदिन करीब 11 हजार यात्राएं इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित हो रही हैं। दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र के बाद अब राजस्थान में इस सेवा का शुभारंभ हुआ है तथा आने वाले समय में इसे देश के 500 शहरों तक विस्तारित किया जाएगा।

सहकारिता में नवाचारों के लिए राजस्थान बना देश का मॉडल राज्य
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र में राजस्थान की उपलब्धियों की विशेष सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान आज देश में सहकारिता में नवाचारों के लिए आदर्श बनकर उभरा है, जो अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में स्वीकृत 200 गोदामों में से 120 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। साथ ही, राज्य में 5 हजार 600 से अधिक पैक्स का ई-पैक्स में रूपांतरण किया जा चुका है तथा इन पर 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन संपन्न हो चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं।

केन्द्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि राजस्थान में लगभग 4 हजार 900 पैक्स बहु-व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़ चुके हैं तथा सामान्य सेवा केंद्र, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, किसान उत्पादक संगठन और जन औषधि केंद्र जैसी सेवाएं गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही, लगभग 6 हजार 750 पैक्स भारतीय बीज सहकारी समिति (बीबीएसएसएल) के सदस्य बन चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के आग्रह पर बीबीएसएसएल की टिशू कल्चर प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के तत्काल निर्देश दिए, यह सहकारिता क्षेत्र के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 6 जुलाई को नई दिल्ली के भारत मंडपम में सहकारिता मंत्रालय के स्थापना दिवस समारोह में राजस्थान को सहकार सदस्यता अभियान, अन्न भंडारण योजना, ई-पैक्स गठन, पैक्स के कम्प्यूटरीकरण सहित अनेक नवाचारों में देश में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर एकमात्र राज्य के रूप में प्रतिनिधित्व का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

कार्यक्रम में सांसद मंजू शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, सचिव सहकारिता मंत्रालय डॉ. आशीष कुमार भूटानी, अध्यक्ष सहकार टैक्सी कॉ-ऑपरेटिव लि. जयेन मेहता सहित सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में भारत टैक्सी के सारथी उपस्थित रहें।

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