अजमेर स्याही कांड: पुलिस कस्टडी में कांग्रेस नेता पर हमला, 3 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
अजमेर
अजमेर में चर्चित स्याही कांड के बाद पुलिस अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई की है. कल, 30 नवंबर को अजमेर के गंज थाने में बीजेपी की महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने ही एक कांग्रेस नेता के ऊपर स्याही फेंक दी थी. बीजेपी की कार्यकर्ताएं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बारे में अजमेर कांग्रेस के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के पदाधिकारी पीयूष सुराणा की एक पोस्ट का विरोध कर रहे थे. इसी मामले में पुलिस ने पीयूष सुराणा को हिरासत में लिया गया था. लेकिन पुलिस कस्टडी में ही कांग्रेस नेता के ऊपर स्याही फेंके जाने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे. इसके बाद अब अजमेर के पुलिस अधीक्षक ने तत्काल एक्शन लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है.
तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई
अजमेर के एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने गुरुवार शाम को थाने में स्याही फेंके जाने की घटना के लिए गंज थाना प्रभारी महावीर सिंह, एक संतरी और ड्यूटी ऑफिसर को प्रथम दृष्टया ड्यूटी में लापरवाही मानते हुए लाइन हाजिर कर दिया है. इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. साथ ही मामले की जांच की जा रही है.
थाने में फेंक दी स्याही
अजमेर कांग्रेस के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के पदाधिकारी पीयूष सुराणा को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ कथित अमर्यादित पोस्ट के मामले में गुरुवार को हिरासत में लिया गया था. यह कार्रवाई भाजपा पदाधिकारी की शिकायत पर गंज थाने में की गई. गिरफ्तारी के बाद भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी गंज थाने पहुंचीं और विरोध प्रदर्शन के दौरान सुराणा पर स्याही फेंक दी.
बीजेपी नेताओं पर मुकदमा
थाने में स्याही फेंकने के मामले में सुराणा के छोटे भाई श्रेयांश सुराणा ने महिला मोर्चा से जुड़ी पदाधिकारियों के खिलाफ गंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया. अजमेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सिटी) हिमांशु जांगीड़ ने बताया कि इस प्रकरण में दोनों पक्षों की ओर से मामले दर्ज किए गए हैं. दोनों मामलों की जांच दरगाह थाना प्रभारी दिनेश जीवनानी को सौंपी गई है.
वहीं, पीयूष सुराणा ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि संबंधित फेसबुक पोस्ट से उनका कोई लेना-देना नहीं है और उनकी आईडी का दुरुपयोग किया गया है. पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है, जिसमें सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जांच भी शामिल है.
