केन्द्रीय पर्यवेक्षकों ने छत्तीसगढ़ में पशुधन योजनाओं का लिया फीडबैक

Share on Social Media

रायपुर.

प्रदेश में पशुधन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन कि सराहना की

भारत सरकार द्वारा नियुक्त केन्द्रीय पर्यवेक्षकों का दल 09 से 14 फरवरी तक छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहा। इस दौरान वे पशुधन विकास विभाग के केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की छत्तीसगढ़ प्रगति की जानकारी ली केंद्रीय पर्यवेक्षकों को दल दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण किया और पशुपालकों से चर्चा की। केंद्रीय पर्यवेक्षकों के दल ने छत्तीसगढ़ में पशुधन विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की सराहना की।  

प्रदेश में पशुधन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन कि सराहना की 

केंद्रीय दल प्रवास के प्रथम चरण में संचालनालय स्तर पर आयोजित ब्रीफिंग सत्र में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं प्रमुख सचिव तथा भारत सरकार के नोडल अधिकारियों द्वारा योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। इसके पश्चात दल ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर प्रशिक्षण गतिविधियों, प्रयोगशालाओं एवं पशु प्रजनन प्रक्षेत्रों का अवलोकन किया। बालोद जिले के गुण्डरदेही एवं डौंडी विकासखंड में बिहान योजना से जुड़ी पशु सखियों से कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई।

प्रदेश में पशुधन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन कि सराहना की    

उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित बकरी पालन इकाइयों, हैचरी यूनिटों तथा दुग्ध संकलन केंद्रों का निरीक्षण कर पशुपालकों से संवाद किया गया। दुर्ग स्थित दुग्ध संघ संयंत्र में दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। साथ ही पशु चिकित्सालयों एवं मोबाइल वेटेरिनरी इकाइयों में उपलब्ध दवाइयों व उपकरणों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रवास के दौरान बालोद जिले में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेले में भी दल ने सहभागिता की।

प्रदेश में पशुधन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन कि सराहना की   

राष्ट्रीय गोकुल मिशन अंतर्गत टीम ने पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा, दुर्ग का भ्रमण किया तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही मैत्री एवं एवीएफओ रिफ्रेशर ट्रेनिंग संस्थान तथा शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र स्थित ई.टी.टी.-आई.वी.एफ. प्रयोगशाला का निरीक्षण किया गया। जिला बालोद के विकासखंड गुण्डरदेही एवं डौंडी में बिहान अंतर्गत कार्यरत 35 पशु सखियों से संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई।      

नेशनल लाइवस्टॉक मिशन अंतर्गत ग्राम भरदा (दुर्ग) में  देवनाथ देशमुख, नवागांव (बेमेतरा) में मती मनीषा राजपूत तथा बालोद जिले के ग्राम गब्दी एवं बरही में संचालित बकरी इकाइयों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई। इसके अलावा बेमेतरा जिले के ग्राम खर्रा एवं सुरहोली स्थित स्काईलार्क हैचरी तथा बालोद जिले की एबीस हैचरी यूनिट का भी निरीक्षण किया गया।    

नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट अंतर्गत टीम ने उरला (दुर्ग) स्थित छत्तीसगढ़ सहकारी दुग्ध महासंघ प्लांट का भ्रमण कर दुग्ध प्रसंस्करण, पैकेजिंग, घी एवं मक्खन निर्माण इकाई का अवलोकन कर जानकारी ली। बालोद जिले के अर्जुंदा तथा बेमेतरा जिले के सरदा एवं मौली भाठा स्थित दुग्ध संकलन केंद्रों का निरीक्षण कर पशुपालकों से चर्चा की गई।   

इसी तरह लाइवस्टॉक हेल्थ एवं डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत बेमेतरा जिले में कोल्ड केबिनेट एवं शीत श्रृंखला उपकरणों का निरीक्षण किया। पशु चिकित्सालयों एवं मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट में उपलब्ध दवाईयों, टीकाकरण सामग्री एवं उपकरणों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। ग्राम बोहारडीह (बेमेतरा) के उन्नत पशुपालक  मानसिंह वर्मा के डेयरी फार्म का भी अवलोकन किया गया। दौरे के दौरान जिला बालोद के ग्राम भेंगारी में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेला में केन्द्रीय पर्यवेक्षकों की टीम शामिल हुई। टीम ने पशुपालकों से सीधे संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ एवं पशुपालन गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *