गौरव और आत्मसम्मान के प्रतीक हैं भगवान बिरसा मुंडा : राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर

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भोपाल 
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि अमर सेनानी, महानायक भगवान बिरसा मुंडा गौरव और आत्मसम्मान के प्रतीक हैं। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा ने अपने अदम्य साहस, संघर्ष और श्रेष्ठ कर्मों से जन-जन के हृदय में अमिट छाप छोड़ी है। उनके जीवन से युवाओं को निरंतर प्रेरणा मिलती है। वह असाधारण व्यक्तित्व थे, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। राज्यमंत्री श्रीमती गौर भोपाल के एकलव्य आवासीय परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर युवाओं को अद्वितीय संदेश दिया। उन्होंने आदिवासी समाज को जल, जंगल और जमीन के अधिकार दिलाने के लिए अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचारों के विरुद्ध सशक्त संघर्ष किया। बचपन से ही अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की चेतना उनमें जागृत हो चुकी थी। केवल 15 वर्ष की आयु में उन्होंने जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा हेतु आंदोलन प्रारंभ किया। 25 वर्ष की अल्पायु तक उन्होंने क्रांति की अलख पूरे देश में जगाई और 'धरती और जल पर हमारा अधिकार हो' ये संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया।

जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में सांसद श्री वी.डी. शर्मा, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह समेत कई अधिकारी, कर्मचारी और छात्र उपस्थित रहे।

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