दिव्यांगजन सशक्तीकरण पर योगी सरकार का विशेष फोकस, स्वैच्छिक संस्थाओं को मिलेगा अनुदान

Share on Social Media

 

दिव्यांगजनों को शिक्षा, कौशल और रोजगार में समान अवसर देना सरकार की प्राथमिकता

लखनऊ,

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के सर्वांगीण पुनर्वासन को नई गति देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार का लक्ष्य है कि दिव्यांगजन शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों में समान भागीदारी प्राप्त कर सकें और समाज की मुख्य धारा से जुड़ते हुए आत्मनिर्भर जीवन जी सकें। इसी क्रम में “दिव्यांगजन के सर्वांगीण पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को सहायता योजना” लागू की गई है, जिसके तहत पात्र स्वैच्छिक संस्थाओं को अनुदान प्रदान किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत 21 प्रकार की दिव्यांगताओं के लिए सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि मानसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रुग्ण दिव्यांगजन इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं। सरकार का उद्देश्य विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांग बच्चों और युवाओं को प्रारंभिक हस्तक्षेप, शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके पुनर्वासन की एक सुदृढ़ व्यवस्था तैयार करना है।

सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा
प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि दिव्यांगजन शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य और रोजगार के प्रत्येक क्षेत्र में समान अवसर प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें। दिव्यांगजनों के सर्वांगीण पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को सहायता प्रदान करने की योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा दे रही है। इस योजना के अंतर्गत दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में उल्लिखित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं से प्रभावित व्यक्तियों के लिए संचालित पुनर्वासन परियोजनाओं को अनुदान दिया जा रहा है, जिससे दिव्यांग बच्चों और युवाओं को प्रारंभिक हस्तक्षेप, शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास की समुचित सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि मानसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रुग्ण दिव्यांगजनों को छोड़कर अन्य दिव्यांग वर्गों के लिए यह योजना प्रभावी रूप से लागू की जा रही है।

दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना है उद्देश्य
योजना के अंतर्गत अर्ली इंटरवेंशन सेंटरों की स्थापना, डे-केयर सेंटरों एवं प्री-प्राइमरी विद्यालयों का संचालन, प्राथमिक से हाईस्कूल स्तर तक विशेष विद्यालयों का संचालन, दिव्यांगजनों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, पाठ्य सामग्री निर्माण, ब्रेल एवं सहायक उपकरणों की उपलब्धता तथा दिव्यांगजनों से संबंधित पुस्तकालयों के संचालन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को सहायता अनुदान के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य दिव्यांगजनों की प्रारंभिक अवस्था से ही पहचान कर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना है।

पारदर्शी एवं तकनीक आधारित आवेदन प्रक्रिया
मंत्री ने बताया कि योगी सरकार की  नीति है कि दिव्यांगजनों के पुनर्वासन में केवल सरकारी तंत्र ही नहीं, बल्कि अनुभवी और समर्पित स्वैच्छिक संस्थाओं की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से पात्र स्वैच्छिक संस्थाओं के लिए पारदर्शी एवं तकनीक आधारित आवेदन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। केवल वही संस्थाएं योजना के अंतर्गत पात्र होंगी, जो दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत हों, नीति आयोग के एनजीओ दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण के साथ विशिष्ट पहचान संख्या रखती हों तथा दिव्यांगजनों के क्षेत्र में न्यूनतम दो वर्षों का कार्यानुभव रखती हों।

सहायता केवल वास्तविक, सक्रिय एवं प्रभावी संस्थाओं को
उन्होंने यह भी कहा कि योजना के अंतर्गत प्रस्तुत प्रस्तावों का परीक्षण जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा, जिसके पश्चात निदेशालय स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सहायता केवल वास्तविक, सक्रिय एवं प्रभावी संस्थाओं को ही मिले और सरकारी धन का समुचित एवं परिणामोन्मुखी उपयोग हो सके।

योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर
मंत्री ने बताया कि सभी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जनपदों में इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं, ताकि अधिक से अधिक स्वैच्छिक संस्थाएं आगे आकर दिव्यांगजनों के पुनर्वासन के इस अभियान में सहभागी बन सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के संकल्प के साथ दिव्यांगजनों को सशक्त, शिक्षित और स्वावलंबी बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *