अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैली कई सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण मई की तपन पर लगा ब्रेक

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भोपाल
मध्यप्रदेश में अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैली कई सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण मई की तपन पर ब्रेक लग गया है। नौतपा के पहले ही दिन जहां कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, वहीं अधिकतर जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों तक कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि वर्तमान में दक्षिणी-मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तरी कर्नाटक पर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, जो पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ ही यह सिस्टम ओडिशा तक द्रोणिका रेखा के रूप में फैला हुआ है। इस ट्रफ के साथ मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी तेलंगाना और दक्षिणी छत्तीसगढ़ भी प्रभावित हो रहे हैं।

इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और उत्तरी गुजरात के ऊपर हवा के ऊपरी हिस्से में चक्रवातीय गतिविधियां दर्ज की गई हैं। इन सभी सिस्टमों की वजह से राज्य में बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वर्षा भी हो रही है।
 
बंगाल की खाड़ी से भी राहत के संकेत
मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के अनुसार मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में भी एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इसके प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में अच्छी वर्षा की शुरुआत हो सकती है।

बारिश के साथ तापमान में गिरावट
रविवार को खजुराहो में सर्वाधिक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मंडला में 11 मिमी, मलाजखंड में 8 मिमी, छिंदवाड़ा में 2 मिमी और बैतूल में 1 मिमी बारिश हुई। ग्वालियर और चंबल संभागों में तापमान में हल्की वृद्धि संभव है, लेकिन लू चलने की संभावना फिलहाल नहीं है।

सोमवार को इन संभागों में बारिश के आसार
भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, शहडोल, रीवा, इंदौर और उज्जैन संभाग के कुछ जिलों में सोमवार को भी कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में यह राहत भरा मौसम फिलहाल बना रहेगा।

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