दिल्ली से पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत, बिहार और 4 राज्यों को मिलेगा फायदा

Share on Social Media

नई दिल्ली

आरामदायक सफर और तेज रफ्तार की पहचान बन चुकी ‘वंदे भारत ट्रेन’ अब नई सुविधा के साथ पटरी पर दौड़ने वाली है। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिल्ली से चलने वाली है। दिल्ली से कोलकाता के बीच नई ट्रेन इसी महीने के अंत तक सफर की शुरुआत कर सकती है। इस ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली-पश्चिम बंगाल के अलावा यूपी और बिहार यानी कुल 4 राज्यों के यात्रियों को सुविधा होगी।

पश्चिम बंगाल में कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में केंद्र सरकार राज्य की जनता को बड़ा तोहफा दे सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जनवरी के तीसरे सप्ताह में पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जा सकता है। हालांकि, इस ट्रेन को पहले दिसंबर 2025 में ही शुरू किए जाने की बात कही गई थी।

हाल ही में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ी ट्रेन की स्पीड भले ही अभी कुछ कम होगी पर आरामदायक सफर से लंबे रूट पर यात्रियों का अनुभव बेहतर होने जा रहा है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के सफर को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है और इसमें यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
वंदे भारत

4 राज्यों को होगा फायदा, इस रूट पर यात्री भी बहुत

दिल्ली-कोलकाता के बीच चलने वाली इस ट्रेन से दिल्ली के अलावा यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल को फायदा होगा। यूपी और बिहार में इसका स्टॉपेज कहां-कहां होगा यह अभी साफ नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि कानुपर, इलाहाबाद, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना जैसे प्रमुख स्टेशनों पर स्टॉपेज हो सकता है। बता दें कि इस रूट पर बड़ी संख्या में ट्रेनें चलती हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या भी इतनी अधिक है कि वेटिंग लिस्ट बहुत लंबी होती है। ऐसे में इस रूट पर नई वंदे भारत स्लीपर को बड़ी संख्या में यात्री मिल सकते हैं।

180 की स्पीड में फाइनल ट्रायल

हाल ही में कोटा-नागदा रूट पर स्वदेशी रूप से डिजाइन की गई 'वंदे भारत स्लीपर ट्रेन' का अंतिम चरण का हाई-स्पीड परीक्षण किया। इस दौरान ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 30 दिसंबर को 'एक्स' पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें दिखाया गया कि 180 की स्पीड में भी पानी भरे गिलास स्थर रहे। पानी भी नहीं छलका।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *