जनसंख्या में तेजी से बदलाव: 0-9 साल के बच्चों की हिस्सेदारी घटकर 7-8% रह जाएगी

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नई दिल्ली

देश में जनसांख्यिकी ढांचा में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट सामने आई है। इसके अनुसार, 2011-2026 के बीच देश में बच्चों और किशोरों (0-19 साल) की आबादी में 9 फीसदी का गिरावट आने का अनुमान है। देश में वर्ष 2011 में 0-19 साल की आबादी करीब 41%, थी, जो 2026 में महज 32 फीसदी पर सिमट जाएगी। मंत्रालय की रिपोर्ट भारत में बच्चों की आबादी में यह दावा किया गया है।

एक अनुमान के अनुसार, इस आयु वर्ग में करीब 125 करोड़ लोग कम होने का अनुमान है रिपोर्ट में 0-19 साल की आबादी को चार वर्गों में बांटा ने गया है। यदि 2011 की बात करें तो 0-4 साल के औयु वर्ग की आबादी 9.9 फीसदी थी जो 2026 में 7.6 फीसदी रह जाएगी। 5-9 साल आयुवर्ग की आबादी 10.4 से घटकर7.9% रह जाएगी। तीसरे समूह 10-14 आयु वर्ग में आबादी का प्रतिशत 10.6 से घटकर 8.2 रह जाएगी।15-19 साल के आयु वर्ग की आबादी 10.1 से घटकर 8.2 फीसदी रह जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में परिवार नियोजन की सुविधाओं में सुधार होने के कारण पिछले कुछ वर्षों से लगातार प्रजनन दर घट रही है, जिसका असर आबादी के ढांचे पर दिखना शुरू हो गया है।

0-4 साल के आयु वर्ग की आबादी 9.9 फीसदी रही

साल की आबादी को चार वर्गों में बांट गया है। यदि 2011 की बात करें तो 0-4 साल के आयु वर्ग की आबादी 9.9 फीसदी थी जो 2026 में 7.6 फीसदी रह जाएगी। 5-9 साल आयु वर्ग की आबादी 10.4 से घटकर 7.9% रह जाएगी। तीसरे समूह 10-14 आयु वर्ग में आबादी का प्रतिशत 10.6 से घटकर 8.2 रह जाएगी। 15-19 साल के आयु वर्ग की आबादी 10.1 से घटकर 8.2 फीसदी रह जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में परिवार नियोजन की सुविधाओं में सुधार होने के कारण पिछले कुछ वर्षों से लगातार प्रजनन दर घट रही है, जिसका असर आबादी के ढांचे पर अब दिखना शुरू हो गया है।

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