बेटियों के धर्मांतरण कराने वालों की अब खैर नहीं, मध्यप्रदेश सरकार फांसी की सजा का प्रावधान करने जा रही

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भोपाल
बहला-फुसला कर या फिर डरा-धमका कर, किसी भी तरीके से बेटियों के धर्मांतरण कराने वालों की अब खैर नहीं। मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार ऐसे मामलों के दोषियों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान करने जा रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज महिला दिवस के अवसर पर घोषणा की कि मासूम बेटियों के साथ दुराचार के दोषियों को फांसी की सजा के प्रावधान के बाद अब राज्य में धर्मांतरण के दोषियों को भी फांसी की सजा का प्रावधान किया जाएगा। डॉ यादव यहां अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित 'लाड़ली बहना राशि अंतरण कार्यक्रम' में भाग ले रहे थे। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद विष्णुदत्त शर्मा भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि राज्य में मासूम बेटियों के साथ दुराचार पर दोषी को फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है। जोर जबर्दस्ती से या बहला-फुसला कर बच्चियों के साथ दुराचार करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। अब राज्य सरकार द्वारा धर्मांतरण कराए जाने पर भी धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के माध्यम से फांसी की सजा का प्रावधान किया जा रहा है। दुराचरण और धर्मांतरण, दोनों के खिलाफ सरकार ने संकल्प लिया है कि समाज की इन कुरीतियों के खिलाफ सरकार कठोरता से पेश आएगी।

मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में सहभागिता कर सिंगल क्लिक के माध्यम से 1.27 करोड़ से अधिक लाड़ली बहना योजना हितग्राहियों के खातों में 1552.73 करोड़ रुपए की राशि जारी की। इसके अलावा 450 रुपए में गैस सिलेंडर रीफिल योजना की 26 लाख से अधिक पात्र हितग्राही बहनों को 55.95 करोड़ रुपए की अनुदान राशि जारी कर उन्हें महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं।

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