जुलाई में भारत की थोक महंगाई दर पहुँची दो साल के निचले स्तर पर: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की भविष्यवाणी

Share on Social Media

नई दिल्ली 
भारत में थोक महंगाई दर जुलाई में घटकर दो वर्ष के निचले स्तर पर पहुंच सकती है। इसकी वजह खाद्य और ईंधन की कीमतों में गिरावट आना है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जुलाई में थोक महंगाई दर कम होकर सालाना आधार पर -0.45 प्रतिशत हो सकती है। जून में यह -0.13 प्रतिशत थी। अगर जुलाई में थोक महंगाई का प्रिंट इस स्तर पर आता है, जो यह अगस्त 2023 के बाद सबसे निचला स्तर होगा।

रिपोर्ट में कहा गया, "जुलाई 2025 में थोक महंगाई दर -0.45 प्रतिशत के साथ दो साल के निचले स्तर पर रहने का अनुमान है।" रिपोर्ट में बताया गया कि थोक महंगाई दर, खुदरा महंगाई के ट्रेंड को भी दिखाती है, क्योंकि समीक्षा अवधि के दौरान खाद्य उत्पादों की कीमतों में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई। मुख्य थोक महंगाई दर, जिसमें खाद्य वस्तुओं और ईंधन को शामिल नहीं किया जाता है, जुलाई में 1.50 प्रतिशत रह सकती है, जो कि जून के 1.06 प्रतिशत से ज्यादा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में खाद्य महंगाई दर कम होकर -1.72 प्रतिशत रह सकती है, जो कि जून में -0.26 प्रतिशत थी। जुलाई में ईंधन में महंगाई -4.90 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो कि जून में -4.23 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि वैश्विक बाजार में महंगाई का जोखिम बना हुआ है, लेकिन आने वाले महीनों में थोक महंगाई के रुझान को निर्धारित करने में घरेलू परिस्थितियां महत्वपूर्ण होंगी।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी अगस्त मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर बनाए रखा था। इसके साथ खुदरा महंगाई के अनुमान को घटा दिया था। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 26 के लिए अपने महंगाई के अनुमान को घटाकर 3.1 प्रतिशत कर दिया, जबकि जून में खुदरा महंगाई दर 2.1 प्रतिशत रही थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *