भारत तेल खरीद में स्वतंत्र नहीं, पीएम ने किया समझौता: राहुल गांधी
नई दिल्ली
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सोमवार को तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एक कंप्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री हैं। केरल में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल ने आरोप लगाया, 'अमेरिका-भारत समझौते के डिटेल देखने पर साफ हो जाएगा कि कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री इसे तब तक नहीं साइन कर सकता जब तक वह कंप्रोमाइज्ड न हो।' राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने कृषि क्षेत्र को अमेरिकी किसानों के लिए खोल दिया है, साथ ही देश की ऊर्जा सुरक्षा को अमेरिकियों के हवाले कर दिया है। आज भारत अपनी मर्जी से तेल नहीं खरीद सकता, बल्कि उसे इजाजत लेनी पड़ती है।
राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी केरल में यूडीएफ सरकार नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जानते हैं कि भ्रष्टाचार के कारण वे एलडीएफ सरकार को नियंत्रित कर सकते हैं और एलडीएफ कभी भी दिल्ली में उनको चुनौती नहीं दे सकता। इसलिए वे समझते हैं कि केवल कांग्रेस ही उन्हें दिल्ली और पूरे देश में हरा सकती है, इसी वजह से मोदी केरल में LDF को मजबूत करना चाहते हैं।
सबरीमाला मुद्दे पर चुप रहने का आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी केरल दौरे के दौरान सबरीमाला मुद्दे पर चुप रहे, जो साफ संकेत है कि भाजपा और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 9 अप्रैल के लिए निर्धारित विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भाजपा के गठजोड़ से मुकाबला करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'हम एलडीएफ के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जिसे भाजपा का पूरा समर्थन प्राप्त है। एक तरफ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) है और दूसरी तरफ माकपा-भाजपा का गठजोड़ है।
'नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि केरल में भाजपा LDF को फायदा पहुंचाने के लिए गुपचुप तरीके से काम कर रही है। राहुल गांधी ने कहा, 'भाजपा यहां यूडीएफ को नहीं चाहती, क्योंकि वह जानती है कि राष्ट्रीय स्तर पर उसे चुनौती देने वाली एकमात्र ताकत कांग्रेस है। भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ हमारी वैचारिक लड़ाई है।' उन्होंने दावा किया कि जहां विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं, वहीं केरल में एलडीएफ नेतृत्व पर ऐसा कोई दबाव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, 'मेरे खिलाफ 36 मामले दर्ज किए गए हैं और मुझसे लगातार 55 घंटे तक पूछताछ की गई है। लेकिन केरल के मुख्यमंत्री या एलडीएफ नेताओं के खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।'
