दिल्ली में गैस किल्लत से मचा हाहाकार, छोटे सिलिंडर न मिलने से मध्यम वर्ग और प्रवासियों की रसोई का बजट बिगड़ा

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नई दिल्ली

राजधानी में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण आम लोग परेशान हैं। दिल्ली सरकार के निर्देशों के बावजूद 5 किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। अब बड़े सिलिंडरों के साथ साथ छोटे सिलिंडरों की कमी भी लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। कम खपत वाले परिवारों और छोटे कारोबारियों को खासतौर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कई एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर या तो उपलब्ध नहीं हैं या बेहद सीमित संख्या में मिल रहे हैं, जो जल्दी खत्म हो जाते हैं। ठेला चालकों, छोटे दुकानदारों और किराए पर रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है, क्योंकि वह बड़े सिलिंडर का खर्च नहीं उठा सकते। मजबूरी में उन्हें महंगे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं।

छोटे सिलिंडर न मिलने से लोग परेशान : जंगपुरा, भाई वीर सिंह मार्ग, पंचकुइयां रोड, गोल मार्केट, और मुनिरका स्थित एजेंसियों और पंपों पर छोटे सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। कई उपभोक्ताओं के अनुसार, वह पिछले कई दिनों से गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं मिल रहा है।

गोल मार्केट निवासी हिमानी ने बताया कि एजेंसी कर्मचारी स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज देते हैं, जबकि कुछ जगहों पर सीमित संख्या में सिलिंडर आते हैं, जो कुछ ही समय में खत्म हो जाते हैं। जंगपुरा निवासी अशोक ने बताया कि वह पिछले 4 से 5 दिनों से एजेंसी जा रहे हैं, लेकिन हर बार यही कहा जाता है कि स्टॉक नहीं आया। इससे घर में खाना बनाने में काफी दिक्कत हो रही है।

एजेंसियों के दावों और हकीकत में अंतर : जंगपुरा, आरके पुरम और गोल मार्केट स्थित गैस एजेंसियों के अनुसार, सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जो लोग सिलिंडर लेने आ रहे हैं उन्हें दिया जा रहा है। अधिकतर गैस एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि राजधानी में सिलिंडर की किसी तरह की कोई कमी नहीं है।

ज्यादातर उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर दिया जा रहा है। कुछ मामलों में ट्रांसपोर्ट या तकनीकी कारणों से देरी हो सकती है, लेकिन इसे बड़ी समस्या नहीं माना जाना चाहिए। एजेंसी संचालकों ने कहा कि सप्लाई सामान्य है और अनावश्यक रूप से इसे बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। वहीं, जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है। राजधानी नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रीतम धारीवाल ने बताया कि अभी तक गैस एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। छोटी सिलिंडरों की कमी से आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ी मार
गैस की कमी के साथ साथ बढ़ती कीमतों ने भी गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मजदूरों का कहना है कि पहले जितने पैसे में कई दिनों तक गैस चल जाती थी, अब उतने में मुश्किल से कुछ दिन ही काम चलता है। आर्थिक तंगी के कारण कई परिवारों ने गैस का उपयोग कम कर दिया है। कुछ घरों में दिन में केवल एक बार ही खाना बन रहा है, जबकि कई लोग अब लकड़ी और कोयले का सहारा लेने लगे हैं।

ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने बताया कि उनकी समस्याएं अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती हैं। उनके लिए गैस की यह कमी सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन का गंभीर संकट बन चुकी है, क्योंकि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

 

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