UP-राजस्थान के बीच बनेगी 23,700 करोड़ की एक्सप्रेस-वे सड़के, एमपी सरकार ने अटल प्रोग्रेस वे प्रोजेक्ट को तेज़ करने के दिए निर्देश

Share on Social Media

  भिण्ड
भिण्ड चंबल संभाग के तीनों जिलो के लिए क्रांतिकारी माने जा रहे अटल प्रोग्रेस-वे (Atal Progress Way) के निर्माण पर 26 माह से बंद प्रक्रिया फिर से शुरू होगी। राज्य सरकार ने फिर से कवायद तेज करने के निर्देश जारी किए तो जिले के की उम्मीदें जाग उठीं। तीन राज्यों और पांच जिलों को सीधे प्रभावित करने वाले अटल प्रोग्रेस-वे की एनएचएआई स्तर पर निरंतर प्रक्रिया चल रही है। यही वजह है कि 11500 करोड़ रुपए का यह प्रस्ताव अब 23 हजार 700 करोड़ तक पहुंच गया है। इस मार्ग के बन जाने से कोटा के लिए सडक मार्ग से 10-11 घंटे की यात्रा छह से सात घंटे रह जाएगी।

3 राज्यों के 5 जिलों से होकर गुजरेगी रोड

उत्तरप्रदेश में इटावा जिले के ननावा से शुरू होने वाला अटल प्रोग्रेस-वे मप्र में भिण्ड, मुरैना और श्योपुर होकर राजस्थान के कोटा जिले में सीमाल्या पर जुड़ेगा। सर्वाधिक करीब 168 किलोमीटर मुरैना जिले में और सबसे कम करीब 22 किलोमीटर का हिस्सा राजस्थान के खाते में आएगा।

किसानो के विरोध के बाद रोका गया था काम

अटल प्रोग्रेस-वे को लेकर किसानों के तीखे विरोध के चलते अक्टूबर 2023 में तब के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने यह प्रक्रिया स्थगित कर दी थी। वर्ष 2017 से चंबल एक्सप्रेस के नाम से यह कवायद चल रही थी। वर्ष 2021 में भारत माला परियोजना में इसे शामिल करके नाम बदलकर अटल प्रगति पथ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने दो दिन पहले भोपाल में हुई बैठक के बाद इसे फिर से शुरू करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।

चार हजार हेक्टेयर भूमि चाहिए

कुल खेतों से होकर निर्माण के प्रस्ताव में मध्यप्रदेश में 188.1, उत्तरप्रदेश में 180.76 एवं राजस्थान में 492.51 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। इसमें राजस्थान में 70.78, मप्र में 1604 एवं उत्तरप्रदेश में 36.35 हेक्टेयर शासकीय भूमि, राजस्थान में 380.93, मप्र 1180 एवं उत्तरप्रदेश में 134.7 हेक्टेयर निजी, जल संरचनाओं से लगी राजस्थान में 40.8 हेक्टेयर राजस्थान में, 404 हेक्टेयर एमपी में और 9.71 हेक्टेयर भूमि यूपी में अधिग्रहित की जानी है। लेकिन निजी भूमि के अधिग्रहण का भिण्ड में और निजी व वन भूमि का विरोध मुरैना में हो रहा है।

454 हेक्टेयर भूमि का होना है अधिग्रहण

खेतों से होकर निर्माण पर वन विभाग की 454.51 हेक्टेयर भूमि अधिगृहित की जानी है। राजस्थान में कोटा जिले के सीमाल्या गांव के पास मुंबई-बड़ोदरा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 27 से शुरू होकर मध्यप्रदेश के तीन जिलों को कवर करते हुए उत्तरप्रदेश के इटावा जिले में निनावा तक प्रस्तावित इस मार्ग के निर्माण भिण्ड और इटावा जिले के लोगों को कोटा जाने के लिए सीधा शॉर्टकट और सुगम आवागमन उपलब्ध हो सकेगा। इसके आसपास लॉजिस्टिक हथ, औद्योगिक क्षेत्र और चंबल पर्यटन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

किस जिले में कितनी प्रस्तावित लंबाई

अटल प्रौग्रेस वे में जिले की 29 ग्राम पंचायतों, दो जनपदों के 41 गांव प्रभावित हो रहे हैं। इनमें अटेर में कछपुरा, उदोतगढ़, कनेरा, अहरौली काली, शुक्लपुरा, खडेरी, चौम्हों, तरसोखर, निवारी, बलारपुरा, जम्होरा, प्रतापपुराः बड़पुरा, रिदौली, गोहदूपुरा, जौरी-कोतवाल, सुरपुरा, दुल्हागन, मटघाना, भिण्ड में गोपालपुरा, भववासी, भदाकुर, नाहरा एवं सराय गांव शामिल हैं। (MP News)

शासन को इस मामले में जल्द कोई निर्णय लेना चाहिए, किसान असमंजस में हैं। किसान अपनी कृषि भूमि का भी सही उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।- लक्ष्मण सिंह नरवरिया, किसान, अटेर

शासन स्तर पर बैठक होने की सूचना तो मिली है. हमारे पास कोई अधिकृत जानकारी अभी नहीं आई है। अपडेट कोई होगा तो जानकारी दी जाएगी। – उमाकांत मीणा, ईई, एनएचएबाई, ग्वालियर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *