विजयवर्गीय के क्षेत्र में अपराध का बढ़ता ग्राफ, बाणगंगा में पिछले साल दर्ज हुए 1749 केस
इंदौर
इंदौर शहर में साल 2025 अपराध के आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां लसूड़िया थाना अपराध के मामलों में दूसरे नंबर पर रहता था, वहीं अब उसे पीछे छोड़ते हुए चंदननगर थाना दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। शहर में सबसे अधिक अपराध दर्ज करने वाला थाना बाणगंगा पहले की तरह नंबर वन बना हुआ है, जबकि लसूड़िया तीसरे स्थान पर खिसक गया है।
33 हजार से अधिक केस, अपराध में इजाफा
बीते एक साल में शहरभर में 33 हजार से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में करीब पांच हजार अधिक है, जो शहर में बढ़ते अपराध की ओर इशारा करती है। हत्या, हत्या के प्रयास और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
बाणगंगा सबसे आगे, चंदननगर दूसरे नंबर पर
आंकड़ों के अनुसार बाणगंगा थाना में सबसे अधिक 1749 केस दर्ज हुए हैं। इसके बाद चंदननगर थाना में 1663 मामले सामने आए। तीसरे स्थान पर लसूड़िया थाना रहा, जहां 1640 केस दर्ज किए गए। चौथे नंबर पर भंवरकुआं थाना रहा, जहां 1370 अपराध दर्ज हुए।
इन थानों में दर्ज हुए 30 प्रतिशत मामले
इसके अलावा विजयनगर थाना में 1020 और खजराना थाना में 1041 केस दर्ज हुए। शहर के कुल अपराधों में से करीब 30 प्रतिशत मामले इन पांच से छह थानों में ही दर्ज हुए हैं।
नए थानों के प्रस्ताव अब भी कागजों में
अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने कुछ साल पहले तीन नए थानों के गठन का प्रस्ताव भेजा था। इसके तहत बाणगंगा थाना क्षेत्र से सुपर कॉरिडोर थाना, लसूड़िया से महालक्ष्मीनगर थाना और भंवरकुआं से पालदा थाना बनाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया था, लेकिन यह योजना अब तक कागजों में ही सीमित है। हाल ही में चंदननगर थाना अपराध में दूसरे स्थान पर आने के बाद पुलिस कमिश्नर ने यहां भी नया थाना बनाने का प्रस्ताव तैयार करने की बात कही है।
दो टीआई का प्रयोग भी बेअसर
अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने हाल ही में लसूड़िया और विजयनगर थानों में दो टीआई का प्रयोग शुरू किया है। यहां दो महिला टीआई को टू आईसी के रूप में पदस्थ किया गया है, लेकिन इसके बावजूद अपराधों में कोई खास कमी नहीं आई है। अन्य थानों में भी यह प्रयोग लागू करने की तैयारी है।
सराफा थाना सबसे सुरक्षित
शहर में सबसे कम अपराध वाले थानों में सराफा थाना शामिल है। यहां इस साल केवल 155 केस दर्ज हुए हैं। इसके अलावा छत्रीपुरा, सदर बाजार और पंढरीनाथ जैसे संवेदनशील थानों में भी अपराध की संख्या कम रही है। वहीं एमजी रोड, कोतवाली और छोटी ग्वालटोली जैसे व्यापारिक क्षेत्रों वाले थानों में भी अपेक्षाकृत कम अपराध दर्ज हुए हैं।
