मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान की राजधानी टोक्यो में भारतीय समुदाय के साथ किया संवाद, कहा- हम सूर्यपुत्र हैं और हमें सूर्य जैसी रोशनी चाहिए

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टोक्यो/लखनऊ

“पहले यूपी में सड़कें नहीं थीं, बिजली नहीं आती थी। क्योंकि अंधेरे में काम करने वालों को उजाला रास नहीं आता। जब प्रवृत्ति डकैती की हो तो प्रदेश भी अंधेरे में रखा जाता है। लेकिन, हमने तय किया कि उत्तर प्रदेश को भय और भ्रष्टाचार से मुक्त करना है तो उसे उजाले में लाना होगा। हम सूर्यपुत्र हैं, हमें सूर्य जैसी रोशनी चाहिए।” जापान में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी सधे व स्पष्ट अंदाज में उत्तर प्रदेश के “अंधेरे से उजाले” तक के परिवर्तन की यशगाथा को सबके सामने रखा। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और निवेश के नए अवसरों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यूपी दंगों या कर्फ्यू की खबरों से आगे बढ़कर दीपोत्सव, महाकुंभ और वैश्विक निवेश की पहचान बन चुका है और यही परिवर्तन भारत को विकसित राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।

क्या उजाले में डकैती पड़ सकती है?

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कनेक्टिविटी का संकट था, सड़कें नहीं थीं, बिजली नहीं आती थी। लोग भी कहते थे कि बिजली गायब रहती थी। दरअसल पहले की सरकारें अंधेरे में रहने की आदी थीं, क्योंकि उनके सारे कार्य तो अंधेरे में होते थे। आप मुझे बताओ, क्या उजाले में डकैती पड़ेगी? जब प्रवृत्ति डकैती डालने की थी तो वह तो अंधेरे में ही डाली जा सकती थी, इसलिए बिजली नहीं देते थे। वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते थे। हम चाहते थे कि प्रदेश डकैती से मुक्त हो, भय से मुक्त हो। उसके लिए उजाला चाहिए। और हम सूर्यपुत्र हैं, तो हमें सूर्य जैसी रोशनी चाहिए। इसलिए हमने बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करवाई। आज यह परिवर्तन उत्तर प्रदेश में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।

आज उत्सव का प्रदेश बना यूपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। विकसित भारत का संकल्प साकार होता दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश, जो 25 करोड़ आबादी का राज्य है, अब विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। पहले कर्फ्यू, दंगा और अंधेरा ही समाचारों में होता था। आज उत्सवों की खबरें होती हैं। अयोध्या में दीपोत्सव, काशी में देव दीपावली, मथुरा-वृंदावन में रंगोत्सव, ये सब सकारात्मक परिवर्तन के प्रतीक हैं। हमने कानून-व्यवस्था सुधारी, कनेक्टिविटी बेहतर की, बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की। आज निवेशक उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन, लॉजिस्टिक्स पार्क और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं, जो पहले सोचा भी नहीं जा सकता था।

भारत में विश्व को मैत्री व करुणा के मार्ग पर ले जाने की शक्ति

मुख्यमंत्री ने भारतीय समुदाय को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महाकुंभ और अयोध्या का भव्य राम मंदिर हमारी क्षमता का उदाहरण है। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास आधुनिकता और परंपरा का सुंदर संगम है। भारत की शक्ति विश्व को मैत्री व करुणा के मार्ग पर ले जाने की है, किसी पर प्रभुत्व स्थापित करने की नहीं। “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” हमारी प्रेरणा है। विश्व में जहां भी भारतीय मूल के लोग संकट में होते हैं, भारत उनके साथ खड़ा रहता है। हमें भी अपने देश व विश्व के कल्याण के लिए योगदान देना चाहिए। आज जापान में लगभग 55 हजार भारतीय समुदाय के सदस्य रहते हैं। आप सब एकजुट होकर जापान और भारत दोनों के विकास में योगदान दें। हमारी दिशा सही है, हमें अपनी गति और बढ़ानी है। आपके सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा है। 

विभिन्न अवतारों ने मानवता को दिशा दी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जापान में हैं। जापान को उगते सूरज की धरती कहा जाता है। सूर्य की पहली किरण यहां पड़ती है। वहीं भारत सूर्यपुत्र की भूमि है। भगवान श्रीराम सूर्यवंशी परंपरा में अवतरित हुए। महात्मा बुद्ध ने उसी परंपरा को आगे बढ़ाया। भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों ने समय-समय पर मानवता को दिशा दी है। रामराज्य की अवधारणा हमारी सनातन परंपरा में धर्म को केवल उपासना तक सीमित नहीं रखती, बल्कि कर्तव्य से जोड़ती है। इसे ‘वे ऑफ लाइफ’ के रूप में स्वीकार किया गया है। एक ऐसी जीवन पद्धति जो अपनी विरासत, अपने पूर्वज और अपनी धरती के प्रति कृतज्ञता का भाव ज्ञापित करते हुए हमें नैतिक मूल्यों के पथ पर अग्रसर करती है। मुझे प्रसन्नता है कि आप सब यहां जापान में रहते हुए यहां के विकास में योगदान दे रहे हैं और साथ ही अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी संजोए हुए हैं।

विरासत पर गर्व ही समाज को आगे बढ़ाता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी जी की प्रेरणा से सभी राज्यों ने अपने स्थापना दिवस को मनाने का निर्णय लिया। आश्चर्य है कि 2017 से पहले अयोध्या में ही दीपावली का कोई विशेष आयोजन नहीं होता था। हमने दीपोत्सव प्रारंभ किया। पहले वर्ष अयोध्या के आसपास 51,000 दीपक भी उपलब्ध नहीं थे, पूरे राज्य से इन्हें मंगवाना पड़ा। आज 25 से 30 लाख दीपक एक साथ प्रज्ज्वलित होते हैं। गत वर्ष प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए। यह विश्व की अद्वितीय घटना थी। एक साल में 156 करोड़ से अधिक पर्यटक उत्तर प्रदेश आए। विरासत पर गर्व ही समाज को आगे बढ़ाता है।

कार्यक्रम में लगे योगी-योगी के नारे

कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक आयोजन के साथ हुई, जहां बेटियों की प्रस्तुति ने सीएम योगी का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि भारत से हजारों किलोमीटर दूर रहकर जिस प्रकार इन बेटियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वह अत्यंत सराहनीय है। काशी की सांस्कृतिक व शास्त्रीय संगीत विधा, उत्तराखंड की जागर परंपरा में नंदा देवी की गाथा का तेजस्वी प्रस्तुतीकरण और अंत में अयोध्या में श्री राममंदिर निर्माण की भावना से ओतप्रोत प्रस्तुति, ये सब अद्भुत था। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के बाद इन बेटियों के साथ फोटो शूट भी कराया। इस दौरान पूरा प्रांगण ‘योगी-योगी’ के जयकारों से गूंज उठा। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने साथ आए प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सहयोगियों वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’,  यूपी सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एसीएस (वित्त) एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, सीएम कार्यालय में सचिव अमित सिंह, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद व एडीजी तरुण गाबा को मंच पर बुलाकर प्रवासी भारतीय समुदाय से उनका परिचय भी कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक और उनकी पूरी टीम का आभार भी व्यक्त किया।

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