बावड़िया कला सोसायटी के अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार और गबन का आरोप, शिकायत दर्ज

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भोपाल
शहर के बावड़िया कला स्थित डीके देवस्थली वेलफेयर सोसायटी में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। सोसायटी के रहवासियों द्वारा सोसायटी अध्यक्ष प्रियनाथ पाठक पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक (आर्थिक अपराध शाखा) को शिकायत दी है। आरोप है कि पाठक ने फर्जी बिल, कैश वाउचर और अन्य माध्यमों से रहवासियों की जमा राशि का गबन किया है। शिकायत में कहा गया है कि सोसायटी के कर्मचारियों और वेंडर्स के जरिए यह वित्तीय अनियमितताएं की गईं। शिकायतकर्ता ने सभी सबूत शपथपत्र देते हुए कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, सोसायटी में बिना आम सहमति के अनावश्यक कार्य किए जाते हैं, जिससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं बढ़ती हैं। इसके अलावा, पिछले तीन वर्षों में गर्मियों के दौरान पानी की किल्लत बनी रही, लेकिन फंड होने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया। वहीं, कुछ लोगों द्वारा निजी पंप लगाने से फेज-2 में जल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। सोसायटी के रखरखाव में गिरावट आई है, और वृक्षारोपण न होने से हरियाली भी कम हुई है।

शिकायत में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि गार्ड बुजुर्ग हैं और बिना किसी सत्यापन के घरेलू कामगार परिसर में घूमते रहते हैं। सोसायटी में होने वाले कार्यक्रमों का लेखा-जोखा भी पारदर्शी नहीं है, और कथित रूप से फर्जी बिलों के जरिए वित्तीय हेरफेर किया जा रहा है। इतना ही नहीं, सोसायटी में मार्ग अधिकार का उल्लंघन किया गया है, जिससे रहवासियों को परेशानी हो रही है।

नियम विरुद्ध अध्यक्ष बने रहने का आरोप, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि प्रियनाथ पाठक पिछले तीन वर्षों से अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं, जबकि मध्य प्रदेश प्रकोष्ठ स्वामित्व अधिनियम 2000 के तहत यह पदावधि दो वर्ष से अधिक नहीं हो सकती। आरोप है कि उन्होंने इस अवधि के दौरान करीब 40 लाख रुपये का गबन किया और अब तक विस्तृत बैलेंस शीट भी प्रस्तुत नहीं की। शिकायत में फोरेंसिक ऑडिट और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ईओडब्ल्यू से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस इस मामले में पाठक की गिरफ्तारी जल्द की जा सकती है। इस संबंध में कोलार एसडीएम रविशंकर राय ने बताया कि सोसायटी में अध्यक्ष के द्वारा भ्र्ष्टाचार की लिखित शिकायत मिली हैं। जांच की जा रही है, कार्रवाई करेंगे।

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