40 दिन के अल्टीमेटम के बाद अब है धर्मयुद्ध की बारी, लखनऊ से होगा शंखनाद: मुकुंदानंद
लखनऊ,
लखनऊ में बुधवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर दो बजे होगी और इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। शंकराचार्य के शिष्य ने कहा कि 40 दिन के अल्टीमेटम के बाद धर्मयुद्ध का शंखनाद होगा।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य मुकुंदानंद ने बताया कि प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन बटुकों का अपमान हुआ था। शंकराचार्य की पालकी को तोड़कर घसीटा गया था, जिससे पूरे समाज में रोष फैल गया। इस घटना के बाद शंकराचार्य महाराज काशी आए और उन्होंने लोगों को 40 दिन का समय दिया। 40 दिन पूरे होने के बाद अब शंकराचार्य महाराज लखनऊ में कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके हैं।
मुकुंदानंद ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर दोपहर सवा दो बजे के बाद विजय मुहूर्त होगा। इस विजय मुहूर्त में शंकराचार्य महाराज धर्मयुद्ध का शंखनाद करेंगे। उन्होंने बताया कि हमारी पद्धति के अनुसार किसी भी धर्मयुद्ध या धार्मिक मुहिम की शुरुआत से पहले शंखनाद किया जाता है। शंखनाद केवल एक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह लोगों में एकजुटता और जागरूकता पैदा करने का माध्यम भी है। शंखनाद के माध्यम से गौ रक्षा की मुहिम और इसके महत्व की बात जन-जन तक पहुंचाई जाएगी।
शिष्य मुकुंदानंद ने कहा कि शंकराचार्य महाराज के आदेश के अनुसार पूरे समाज को इस मुहिम में शामिल किया जाएगा। भारत में सौ करोड़ से अधिक हिंदू इस पहल से जुड़ेंगे और विश्वभर में डेढ़ सौ करोड़ हिंदुओं को भी इस संदेश से अवगत कराया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल गौ रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धार्मिक और सामाजिक चेतना फैलाने का भी जरिया है।
गौरतलब है कि इससे पहले 7 मार्च को काशी से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पदयात्रा शुरू की थी जो जौनपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली और उन्नाव जैसे जिलों से गुजरते हुए अब लखनऊ पहुंच चुकी है। आज यहां ‘गौ माता प्रतिष्ठा संकल्प महासभा’ होगी, जिसमें शंकराचार्य ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद करेंगे।
