दक्षिण भारत की दो परंपराओं का भव्य संगम: शाही अंदाज़ में एक हुए विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना

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उदयपुर

उदयपुर में विजय और रश्मिका की शादी एक नहीं बल्कि दो परंपराओं का मिलन है। इस वजह से ये शादी दक्षिण भारत की परंपराओं का पालन करते हुए हुई। दोनों परंपराओं के अनुसार रस्मों को किया गया। एक के अनुसार सुबह शादी हुई जबकि दूसरे के अनुसार दोपहर में शादी हो रही है।  

अरावली की वादियों में साउथ स्टार्स ने सुबह सात फेरे लिए। शाही शादी में नारियल-हल्दी की रस्में भी हुईं। रस्मों रिवाज के चलते विजय की मां ने  दुल्हन रश्मिका को खानदानी चूड़ियां पहनाईं। होटल को गुलाब, आर्किड और ट्यूलिप फूलों से सजाया गया। दक्षिण भारत की शादियों में केले के पत्तों का बहुत महत्व होता है। इस वजह से शादी में खास तौर पर इस बात का ध्यान रखा गया।  मंडप को केले के पत्तों से सजाया गया। दक्षिण भारत का देसी रंग शादी में देखने को मिला।  

ये सभी जानते हैं कि रश्मिका मंदाना कर्नाटक के कोडवा समुदाय से आती हैं। वहीं विजय देवरकोंडा तेलुगू हिंदू परिवार से ताल्लुक रखते हैं। इसी के अनुसार  दुल्हन पक्ष ने विशेष रस्में निभाई हैं। रश्मिका के माता-पिता ने  विजय के परिवार का स्वागत करते हुए उनको केले के पत्ते, पान, श्रीफल आदि भेंट करके आमंत्रित किया। इसके बाद शादी की रस्में शुरू हुईं। वहीं सास ने रश्मिका को अपने खानदान की चूंडियां पहनाकर वधू पक्ष का शादी समारोह में स्वागत किया।

मेहमानों के लिए खास इंतजाम
रीति रिवाजों से शादी होने के बाद गुरुवार की शाम को मेहमानों के लिए खास डीजे का इंतजाम किया गया है। इसके लिए  मशहूर डीजे गणेश (गणेश रंगनाथन) को बुलाया गया है।
शादी का समारोह बुधवार से शुरू हो चुका था। शादी में 'नो फोन पॉलिसी' लागू की गई। इसके बाद भी शादी की कई तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो गईं। वैसे बुधवार को  दोनों सितारों ने हल्दी समारोह की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा कीं।

कपल ने पैपराजी को बांटी मिठाई
विजय-रश्मिका ने पारंपरिक तेलुगु शादी की रस्में पूरी करने के बाद वेन्यू के बाहर मौजूद पैपराजी का अभिवादन किया है। साथ ही वहां मौजूद पैप्स और फोटोग्राफर्स के लिए मिठाई के डिब्बे भी भिजवाए हैं।

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