शिवसेना नेता संजय निरुपम का दावा-बांग्लादेश से रची गई थी नागपुर हिंसा की साजिश

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मुंबई
नागपुर में आयत लिखी चादर जलाने की अफवाह और दक्षिणपंथी संगठनों के प्रदर्शन के बाद भड़की हिंसा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। इस मामले में दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया है। रविवार को शिवसेना नेता संजय निरुपम ने  दावा किया कि नागपुर में हाल में हुई हिंसा में बांग्लादेश से जुड़े लोगों का हाथ है। निरुपम ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह भी दावा किया कि हिंसा पूर्व नियोजित थी और यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी।

महाराष्ट्र के नागपुर शहर में 17 मार्च को छत्रपति संभाजीनगर में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन के दौरान आयतें लिखी ‘चादर’ जलाए जाने की अफवाह के बाद हिंसा भड़क उठी थी। झड़पों के परिणामस्वरूप शहर के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर पथराव और आगजनी हुई, जिसमें पुलिस उपायुक्त स्तर के तीन अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

निरुपम ने यह भी आरोप लगाया कि हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से एक ‘मुजाहिदीन गतिविधियों’ के लिए धन जुटाने के वास्ते सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहा था। निरुपम ने ऐसे समूहों के साथ शिवसेना (UBT) के कथित गठबंधन की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘क्या शिवसेना (UBT) मुजाहिद्दीन के साथ जुड़ रही है? क्या ठाकरे और (संजय) राउत उनका समर्थन कर रहे हैं?’

शिवसेना के नेता ने कहा कि इसे महाराष्ट्र में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने विपक्षी दल शिवसेना (UBT) के वर्तमान नेतृत्व और पार्टी की राजनीतिक रणनीतियों को नकारते हुए कहा, ‘मातोश्री (मुंबई में उद्धव ठाकरे का निवास) में जल्द ही (शिवसेना संस्थापक) बालासाहेब ठाकरे और शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास औरंगजेब की तस्वीर होगी।’ इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा था कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि नागपुर हिंसा का विदेश या बांग्लादेश से कोई संबंध है।

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