मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से सैफअली खान और शर्मिला टैगोर को एक मामले में आंशिक राहत मिली

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जबलपुर

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से अभिनेत्री शर्मिला टैगोर, उनके बेटे सैफ अली खान और सबीबा सुल्तान को एनिमी प्रॉपर्टी मामले में अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रापर्टी के एक्ट मामले में उन्हें अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष आवेदन पेश करने की स्वतंत्रता प्रदान की है। एकलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए अपने आदेश में कहा है कि अपीलीय प्राधिकरण गुण-दोषों के आधार पर निर्णय ले।

गौरतलब है कि पटौदी परिवार की तरफ से उक्त याचिका साल 2015 में दायर की गई थी। इसमें उन्होंने भोपाल के अंतिम नवाब की संपत्तियों को शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत पर नियंत्रण करने के सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। सीईपीआई ने अपने आदेश में नवाब की संपत्तियों को शत्रु संपत्ति इसलिए घोषित किया था, क्योंकि उनकी बड़ी बेटी राजकुमारी आबिदा सुल्तान 1950 में पाकिस्तान चली गई थीं। वह (आबिदा) नवाब के जीवित रहते पाकिस्तान चली गई थीं।

नवाब की मृत्यु के बाद उनकी दूसरी बेटी मेहर ताज साजिदा सुल्तान बेगम को भोपाल के सिंहासन उत्तराधिकार अधिनियम, 1947 के अनुसार संपत्ति का उत्तराधिकारी घोषित किया गया था और याचिकाकर्ता उनके वारिस हैं। सीईपीआई का आदेश भोपाल के तत्कालीन नवाब हमीदुल्ला खान बहादुर और तत्कालीन केंद्र सरकार के बीच भोपाल रियासत को भारत संघ में विलय करने के विलय समझौते का उल्लंघन है। याचिका की सुनवाई करते हुए फरवरी 2015 में आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी गई थी।

याचिका की सुनवाई के दौरान केन्द्र सरकार की ओर से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल पुष्पेंद्र यादव ने एकलपीठ को बताया कि 2017 में एनिमी प्रॉपर्टी एक्ट-1968 में कुछ संशोधन किया गया है। इसके तहत एनिमी प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में प्रभावित पक्ष अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अभ्यावेदन दे सकता है। याचिकाकर्ताओं के पास उचित फोरम में जाने का विकल्प मौजूद है। एकलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता राजेश पंचौली ने पैरवी की।

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