शिवपुरी में पिकनिक से लौटे एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत, रहस्यमय बीमारी से मचा हड़कंप
शिवपुरी
शहर के फिजिकल क्षेत्र में सईसपुरा निवासी एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों सहित चार बच्चों की 10 दिनों के भीतर रहस्यमय बीमारी से मौत हो गई। 16 अगस्त को दोस्तों के साथ सिंध नदी किनारे पार्टी मनाने के बाद से बच्चों की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई थी। चारों की मौत से पहले एक जैसे लक्षण- तेज बुखार, पेट में असहनीय दर्द, उल्टी-दस्त और फिर शरीर के अंगों का धीरे-धीरे काम करना बंद कर देना सामने आए हैं।
मामले के तूल पकड़ने के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पीड़ित परिवार के घर पहुंची और पूरे क्षेत्र में सर्वे शुरू किया गया है। विभाग के अफसर भी हैरान हैं, क्योंकि बच्चों की सभी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने परिवार को निगरानी में ले लिया है और किसी भी सदस्य को बुखार या पेट दर्द होने पर तुरंत विभाग को सूचना देने को कहा है।
18 अगस्त को ताहिर को आया था बुखार
सईसपुरा निवासी तनवीर खान का बड़ा बेटा ताहिर(14) 16 अगस्त को दोस्तों के साथ गोरा टीला स्थित सिंध नदी पर नहाने और पार्टी करने गया था। 18 अगस्त को उसे बुखार आया। सेवानिवृत्त शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. निसार खान ने दवा दी और जिला अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। 20 अगस्त को बुखार फिर आया, रात 9:30 बजे उल्टी-दस्त शुरू हुए। परिजन जिला अस्पताल ले गए, जहां 21 अगस्त की आधी रात उसकी मौत हो गई। तनवीर की बहन तब्बसुम के बेटे अयाज(19) निवासी हम्माल मोहल्ला की 20 अगस्त को तबीयत बिगड़ी। सुखदेव अस्पताल में तीन दिन इलाज चला, आराम न मिलने पर ग्वालियर रेफर किया गया। 21 अगस्त को ग्वालियर में ही उसकी मौत हो गई।
ताहिर के दोनों छोटे भाईयों को भी आया बुखार, 31 को तोड़ दिया दम
26-27 अगस्त को तनवीर के दो छोटे बेटे तारूख उर्फ पप्पू (11) और तासिफ उर्फ चिंटू(9) को बुखार आया। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। 31 अगस्त को तारूख को मेडिकल कालेज शिवपुरी रेफर किया गया, जहां उसी दिन उसकी मौत हो गई। उसी दिन तासिफ को भी रेफर किया गया, परिजनों ने उसे ग्वालियर भेजा। तासिफ के ताऊ भाई मियां ने बताया कि ग्वालियर में उसके मलेरिया, डेंगू, कोविड सहित सभी टेस्ट निगेटिव आए। 31 अगस्त की रात को उपचार के दौरान उसकी भी जान चली गई।
सीएमएचओ ने कहा कि बच्चों की केस शीट जिला अस्पताल, सुखदेव अस्पताल, शिवपुरी मेडिकल कालेज और ग्वालियर मेडिकल कालेज से मंगवाई जा रही है, ताकि लक्षण और ट्रीटमेंट प्रोटोकाल का अध्ययन किया जा सके। क्षेत्र में लार्वा सर्वे कराया गया, डेंगू का लार्वा नहीं मिला। बच्चों में सांस फूलने का लक्षण नहीं था, इसलिए कोविड की आशंका कम है। यदि यह वायरल या बैक्टीरियल आउटब्रेक होता तो मोहल्ले के अन्य लोग भी बीमार होते, लेकिन ऐसा कोई ट्रेंड नहीं है। हम बीमारी का पता लगाने के लिए जांच करवा रहे हैं।
