दिल्ली के कचरे के पहाड़ों पर बड़ा एक्शन, 15 लाख ट्रक कचरा हटाकर 100 एकड़ जमीन खाली

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नई दिल्ली
सरकार दिल्ली में कचरे के पहाड़ों को खत्म करने की होड़ में लगी है। इसी के तहत भलस्वा, ओखला और गाजीपुर में 15 लाख ट्रक कचरा हटाकर दिल्ली ने लैंडफिल की 100 एकड़ जमीन वापस हासिल कर ली है, जो कि लगभग 60 फुटबॉल मैदानों के बराबर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दफ्तर के मुताबिक अब तक तीनों जगहों पर लगभग 2.16 करोड़ मीट्रिक टन कचरे का निपटान किया जा चुका है। इससे आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को साफ-सुथरा माहौल देने में मदद मिली है।

सबसे ज्यादा सफाई का काम नॉर्थ दिल्ली के भलस्वा में हुआ है, जहां 1 करोड़ टन कचरे का निपटान किया गया और 45 एकड़ जमीन वापस हासिल की गई। इसके बाद साउथ दिल्ली का ओखला (70 लाख टन और 35 एकड़) और ईस्ट दिल्ली का गाजीपुर (44 लाख टन और 20 एकड़) का नंबर आता है।
सरकार ने दो और लैंडफिल को खत्म करने के लिए दिसंबर की डेडलाइन तय की
सरकार ने भलस्वा और ओखला लैंडफिल को पूरी तरह खत्म करने के लिए इस दिसंबर की डेडलाइन तय की है, जबकि गाजीपुर के लिए डेडलाइन दिसंबर 2027 है। हालांकि, शहर में पहले भी ऐसे लक्ष्य तय किए गए हैं और डेडलाइन पूरी नहीं हो पाई हैं। ओखला के लिए लक्ष्य को कई बार आगे बढ़ाया जा चुका है, जिसमें इस साल पांचवीं बार बदलाव भी शामिल है।

पुराने कचरे को हटाने के लिए बायोमाइनिंग का काम चल रहा है, लेकिन लैंडफिल साइटों पर अभी भी नया कचरा पहुंच रहा है। ऐसे में सरकार के लिए असली परीक्षा यह होगी कि क्या इन नई डेडलाइन के साथ दिल्ली में कचरे के पहाड़ खत्म हो पाएंगे।

सड़कों के नीचे बेस बनाने में कचरा का उपयोग किया जा रहा
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि गाजीपुर में कचरे की प्रोसेसिंग के बाद जो बेकार बचा हुआ मटीरियल (इनर्ट मटीरियल) मिलता है, उसका इस्तेमाल निचले इलाकों को भरने और सड़कों के नीचे बेस बनाने में किया जा रहा है। उन्होंने कहा, इससे न केवल कचरे की वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेसिंग सुनिश्चित हुई है, बल्कि इस प्रक्रिया से मिले मटीरियल का इस्तेमाल भी हो रहा है।

एक बार जब प्रोसेसिंग प्लांट तैयार हो जाएंगे, तो सरकार हर दिन पैदा होने वाले कचरे को उसी गति से प्रोसेस करने की क्षमता विकसित कर लेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कचरा जमा न हो और कचरे के नए पहाड़ न बनें। सीएम ने कहा कि दिल्ली सरकार सभी तरह के कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर ध्यान दे रही है।

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