होर्मुज में अमेरिका की ‘महाघेराबंदी’! 20 युद्धपोत तैनात, 55 जहाजों ने बदला रास्ता; ईरान पर बढ़ा दबाव

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वाशिंगटन

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) होर्मुज स्ट्रेट के आसपास 20 से अधिक युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। यह कदम वाशिंगटन द्वारा ईरान के खिलाफ अपनी नाकाबंदी को और सख्त बनाने के बीच उठाया गया है। यह तैनाती होर्मुज के आसपास बढ़ते तनाव के मद्देनजर की गई है। तेहरान ने साफ कहा है कि वाणिज्यिक शिपिंग के लिए इस रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने से पहले उसकी मांगें पूरी की जानी चाहिए।

सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक यूएसएस रॉस पर सवार नाविक भी इस क्षेत्र में तैनात बलों का हिस्सा हैं। कमांड ने कहा कि ये युद्धपोत सैन्य मिशनों का समर्थन कर रहे हैं, जिनमें 'ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी को सख्ती से लागू करना' शामिल है। अमेरिकी सैन्य कमांड ने आगे बताया कि 9 अगस्त तक सेंटकॉम ने 55 वाणिज्यिक जहाजों को दूसरी दिशा में मोड़ दिया है, दो को रोका है और दो पर चढ़कर नियमों का पालन सुनिश्चित किया है।

ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई तेज
यह तैनाती ऐसे समय हुई है जब खबर है कि ईरान और ओमान एक समझौते के करीब पहुंच गए हैं, जिससे होर्मुज से होकर नई शिपिंग लेन बन सकती हैं। रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि होर्मुज पर ओमान के साथ समझौता अपने 'अंतिम चरण' में है। हालांकि, तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जलमार्ग को फिर से खोलना अमेरिका की कुछ शर्तों के पूरा होने पर निर्भर करेगा।

ईरान ने अमेरिकी हमलों से हुए नुकसान का मुआवजा, प्रतिबंधों और सैन्य धमकियों को समाप्त करने तथा खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने की मांग की है। वहीं, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि बिना रुकावट वाणिज्यिक शिपिंग फिर से शुरू करने के समझौते की घोषणा के बाद वाशिंगटन ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा देगा। अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई ईरान द्वारा अपने वादे पूरे करने से जुड़ी होगी।

अंतिम चरण में होर्मुज जलसंधि समझौता
ईरान-ओमान के संभावित समझौते से ऐसी शिपिंग लेन बनने की उम्मीद है, जिनका उपयोग होर्मुज को फिर से खोलने की शर्तें पूरी होने के बाद किया जा सकेगा। रॉयटर्स के अनुसार, इस व्यवस्था से बड़े तेल और गैस शिपिंग मार्गों से सुरक्षित रास्ता फिर से शुरू हो सकता है। फिर भी, अराघची ने दोहराया कि जब तक वाशिंगटन तेहरान की मांगें पूरी नहीं करता, ईरान जलमार्ग को फिर से नहीं खोलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत नहीं हो रही है, बल्कि मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान चल रहा है।

ईरान ने जलमार्ग खोलने की शर्तें रखीं
ईरानी अधिकारियों ने जलमार्ग फिर से खोलने के लिए शर्तों की एक लंबी सूची पेश की है। ईरान की शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा संस्था के सचिव मोहम्मद बाकर जोलकादर ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी धमकियों को समाप्त करने, ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ हमले रोकने, अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने, प्रतिबंध हटाने और ईरान की फ्रीज संपत्ति जारी करने की मांग की।

दूसरी ओर वाशिंगटन का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना और क्षेत्र के लिए खतरा पैदा करने की उसकी क्षमता को कम करना था।जून में वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी थी, जिसके बाद जुलाई में खाड़ी में ईरानी शिपिंग पर अमेरिका ने फिर से रोक लगा दी। तेहरान ने इसे संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया, जो तब तक टूट चुका था।

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