डाबर को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, ‘100% प्योर’ दावों पर FSSAI के बैन आदेश पर लगी रोक

Share on Social Media

नई दिल्ली

डाबर इंडिया को ‘100% प्योर' और ‘100% नेचुरल' जैसे दावों वाले अपने प्रोडक्ट्स को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने फूड सेफ्टी रेगुलेटर (FSSAI) के उस आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसमें डाबर को ऐसे 100% दावे वाले प्रोडक्ट्स को बेचने से रोक दिया गया था. इन प्रोडक्ट्स में शहद (Honey), गाय का घी (Cow Ghee), एडिबल ऑयल समेत कई दूसरे प्रोडक्ट शामिल हैं। 

कोर्ट ने FSSAI के आदेश पर क्यों लगाई रोक?
इस मामले की सुनवाई जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने की. कोर्ट ने पहली नजर में माना कि FSSAI को डाबर के खिलाफ ऐसा रोक वाला आदेश जारी करने से पहले कंपनी को अपना पक्ष रखने का मौका देना चाहिए था। 

कोर्ट ने कहा कि बिना सुनवाई का मौका दिए ऐसा आदेश पास नहीं किया जाना चाहिए था. इसी आधार पर अगली सुनवाई तक FSSAI के आदेश पर रोक लगा दी गई है. अब मामले की अगली सुनवाई करीब दो हफ्ते बाद होगी। 

FSSAI ने डाबर के खिलाफ लिया बड़ा एक्शन
FSSAI ने 3 अगस्त 2026 को डाबर को ऐसे कई फूड
प्रोडक्टेस की बिक्री तुरंत रोकने का निर्देश दिया था, जिन पर ‘100%' से जुड़े दावे किए जा रहे थे.FSSAI के मुताबिक, डाबर की वेबसाइट पर कुछ प्रोडक्ट्स पर ‘100% नेचुरल', ‘100% प्योर', ‘100% ऑर्गेनिक' जैसे दावे किए जा रहे थे. रेगुलेटर का कहना था कि इस तरह के दावे ग्राहकों को गुमराह कर सकते हैं। 

कौन-कौन से प्रोडक्ट का बिक्री पर लगाई रोक?
FSSAI की कार्रवाई में डाबर के कई खाद्य उत्पादों का जिक्र किया गया था. इनमें Honey, Apple Cider Vinegar, Virgin Coconut Oil, Sesame Oil, Cow Ghee, Coconut Water और Coconut Milk जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं। 

FSSAI ने कहा था कि सिर्फ नोटिस में बताए गए प्रोडक्ट ही नहीं, बल्कि ऐसे प्रोडक्ट की बिक्री रोकनी होगी, जिन पर  ‘100%' वाले दावे किए जा रहे हैं. रेगुलेटर ने डाबर को 15 दिन के भीतर रिपोर्ट जमा करने को कहा था। 

FSSAI ने ‘100%' दावों को क्यों बताया गलत?
FSSAI का कहना है कि खाद्य उत्पादों पर इस तरह के ‘100%' दावे फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर् रेगुलेशन, 2018 के नियमों के खिलाफ हैं.रेगुलेटर के अनुसार, ‘100%' जैसे दावे न तो सही है और न आसानी से साबित किए  किए जा सकते. इससे ग्राहक किसी प्रोडक्ट को लेकर गलत धारणा बना सकते हैं। 

Dabur ने कोर्ट में क्या कहा?
FSSAI के आदेश के खिलाफ डाबर ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया. कंपनी की ओर से दलील दी गई कि FSSAI ने आदेश जारी करने से पहले न तो कोई शो-कॉज नोटिस दिया और न ही कंपनी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया. डाबर ने इसे नेचुरल जस्टिस के सिद्धांतों के खिलाफ बताया. कंपनी ने यह भी कहा कि FSSAI के पास इस तरह का रोक लगाने का ऑर्डर जारी का कानूनी अधिकार ही नहीं है। 

डाबर की याचिका में यह भी कहा गया कि आदेश स्पष्ट नहीं था और इसे बिना उचित विचार के जारी किया गया. कंपनी ने दावा किया कि कई दूसरी बड़ी कंपनियां भी अपने फूड प्रोडक्ट के लिए ‘100%' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करती हैं. कंपनी ने यह भी आपत्ति जताई कि FSSAI ने आदेश को सार्वजनिक कर दिया, जिससे डाबर की ब्रांड इमेज को नुकसान पहुंचा। 

सरकार ने FSSAI की कार्रवाई का किया बचाव
केंद्र सरकार के वकील ने FSSAI के कदम को सही ठहराया. उन्होंने कोर्ट में कहा कि डाबर को पहले भी सुधार के लिए नोटिस और एडवाइजरी जारी की गई थी. इसके साथ ही सरकार ने कहा कि फूड प्रोडक्ट्स पर '100%' लिखना लोगों को धोखा देने जैसा है. हालांकि, कोर्ट ने अंतरिम राहत रोकने की सरकार की मांग नहीं मानी. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि कंपनी इन प्रोडक्ट्स को कई दशकों से बेच रही है और अब अचानक उसे बिक्री से नहीं रोका जा सकता। 

अब आगे क्या होगा?
दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल FSSAI के रोक वाले आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है. यानी इस समय डाबर को ‘100%' दावों वाले संबंधित प्रोडक्ट्स की बिक्री को लेकर FSSAI के 3 अगस्त के आदेश के तहत तत्काल रोक का सामना नहीं करना होगा.अब इस मामले की अगली सुनवाई करीब दो हफ्ते बाद होगी. कोर्ट आगे दोनों पक्षों की दलीलों को सुनकर इस मामले पर अगला फैसला करेगा। 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *