एलपीजी केवाईसी के नाम पर वसूली पर रोक, उपभोक्ताओं को मिली राहत

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जयपुर
 जयपुर समेत राज्य के सभी जिलों में तीनों गैस एजेसियों (भारत गैस, इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान) के 38 लाख गैस उपभोक्ताओं की 16 अगस्त तक नॉन फ्यूल रेवन्यू फार्मूले की आड़ में गैस कनेक्शन की केवाईसी के नाम पर सुरक्षा पाइप, फॉयर बॉल बेच कर करोड़ों रुपए कमाने पर ब्रेक लग गया है। पत्रिका में गुरुवार को एलपीजी केवाईसी के नाम पर 100 करोड़ रुपए की वसूली की तैयारी शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। समाचार प्रकाशित होने के बाद तीनों गैस कंपनियों में दिन भर खलबली मची रही।

राज्य स्तरीय समन्वयक मनोज गुप्ता ने तीनों गैस कंपनियों के अधिकारियों के साथ दिनभर बैठक की। शाम को उन्होंने राजस्थान के गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर दी। उन्होंने गैस कंपनियों को निर्देश दिए कि गैस एजेंसी पर 16 अगस्त तक उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन की केवाईसी ही की जाए। किसी भी उपभोक्ता को केवाईसी के नाम पर सुरक्षा पाइप, फायर बॉल व अन्य सामग्री नहीं बेची जाए।

अगर उपभोक्ता अवधि पार सुरक्षा पाइप को बदलने की मांग करे तब ही उसे 199 रुपए की कीमत का नया सुरक्षा पाइप बेचा जाए। गुप्ता ने कहा कि गैस एजेंसियों पर गैस कनेक्शन की केवाईसी निःशुल्क है। गैस उपभोक्ताओं की केवाईसी को लेकर किसी भी तरह की दिक्कतों का समाधान के लिए तीनों गैस कंपनियों के अधिकारियों के नंबर जारी किए हैं।

इंडियन ऑयल
जयपुर डिवीजनल ऑफिस-9925081012
जोधपुर डिवीजनल ऑफिस-9925081012

मंत्री बोले- ये मामला बेहद गंभीर
खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि गैस एजेंसी पर सुरक्षा पाइप, फायर बॉल जैसी सामग्री नहीं खरीदने वाले उपभोक्ताओं की केवाईसी नहीं करना बेहद गंभीर है। उपभोक्ता अपनी शिकायत विभाग के टोल फ्री नंबर 14435 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रदेश के सभी गैस उपभोक्ताओं को 16 अगस्त तक केवाईसी करना जरूरी है।

राजस्थान में गैस उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन की केवाईसी कराने के लिए 16 अगस्त की डेडलाइन है। तीनों गैस कंपनियों के 38 लाख गैस उपभोक्ताओं की केवाईसी पेंडिंग है। उपभोक्ताओं की यह पेडेंसी ही तीनों गैस कंपनियों (इंडेन, भारत और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) के लिए खजाना भरने का अवसर बन गया है। कंपनियां ने नॉन फ्यूल रेवन्यू फार्मूला लागू कर एजेंसियों पर केवाईसी कराने पहुंच रहे उपभोक्ताओं के साथ जयपुर समेत पूरे राज्य में खुली लूट शुरू कर दी है। उपभोक्ताओं को सीधे कहा जा रहा है कि 190 रुपए का सुरक्षा पाइप, 999 रुपए की कीमत की फायर बॉल खरीदने पर ही केवाईसी होगी। अनुमान के अनुसार कंपनियां सामग्री बेचने के नाम पर 100 करोड रुपए उपभोक्ताओं की जेब से निकालने की जुगत में हैं। जयपुर शहर में भी कई गैस एजेंसियों पर केवाईसी के नाम पर खुली लूट का यह खेल बुधवार को पत्रिका संवाददाता की पड़ताल में सामने आया।

पटेल नगर, 22 गोदाम
पत्रिका संवाददाता 22 गोदाम क्षेत्र में पटेल नगर स्थित इंडेन गैस एजेंसी पर पहुंचा। यहां केवाईसी कराने आए उपभोक्ताओं को दो टूक कहा जा रहा था कि केवाईसी करानी है तो 190 रुपए का सुरक्षा पाइप लेना ही होगा। किसी तरह केवाईसी हो जाए और 16 अगस्त के बाद महंगा सिलेंडर नहीं लेना पड़े, इस भय से उपभोक्ता 190 रुपए का पाइप खरीदने को मजबूर थे।

इनका कहना
एजेंसी संचालकों का अभी पहला काम उपभोक्ताओं की केवाईसी करना है। अगर कोई एजेंसी संचालक पाइप नहीं खरीदने पर केवाईसी नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-मनोज गुप्ता, राज्य स्तरीय समन्वयक, गैस कंपनियां

हम तो उपभोक्ता की सुरक्षा के लिहाज से यह पाइप दे रहे हैं। सॉफ्टवेयर में अगर कनेक्शन का सुरक्षा पाइप अवधिपार है तो ही उपभोक्ता को लेने के लिए कहा जा रहा है।
-दिनेश शर्मा, मैनेजर, इंडेन, पटेल नगर 22 गोदाम, इंडेन

 

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