भिंड में सहायक सचिव का अपहरण, 13 घंटे बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा; पिस्टल की नोक पर चेक और स्टांप पेपर पर कराए साइन
भिंड
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में 5 लाख रुपए के लेनदेन के विवाद में बदमाशों ने सहायक सचिव का अपहरण कर लिया। उन्हें करीब 13 घंटे बंधक बनाकर दबोह और आलमपुर क्षेत्र में घुमाया गया। बेसबॉल बैट, प्लास्टिक पाइप, लात-घूंसों और थप्पड़ों से बेरहमी से पीटा गया।
मारपीट के दौरान सहायक सचिव बेहोश हो गए। होश आने पर आरोपियों ने पिस्टल दिखाकर उनसे तीन चेक, पांच कोरे कागज और 200-200 रुपए के दो स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। शिकायत पर पुलिस ने चार नामजद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
5 लाख रुपए के लेनदेन से शुरू हुआ विवाद
लहार पुलिस के मुताबिक, फरियादी विनोद सिंह राजावत (43) बगियापुरा निवासी हैं और मछंड सेवा सहकारी संस्था में सहायक सचिव हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम रुरई निवासी अजीत सिंह चौहान से पिछले करीब एक साल से पैसों का लेनदेन चल रहा था।
विनोद के अनुसार, 6-7 दिन पहले अजीत सिंह ने उन्हें 5 लाख रुपए नकद लौटा दिए थे। मंगलवार सुबह अजीत ने बाकी हिसाब करने और पिता से बात कराने के बहाने उन्हें लहार बुलाया।
रास्ते में साथी को साथ लिया, घर पहुंचते ही शुरू हुई मारपीट
विनोद अपनी कार से लहार के लिए निकले। रास्ते में बंथरी निवासी अभिनंदन सिंह को साथ बैठा लिया। अजीत के घर पहुंचते ही वहां मौजूद पवन गुप्ता और वीर प्रताप सिंह उर्फ वीरू ने मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद सभी विनोद की कार में बैठकर वहां से निकल गए।
पिस्टल दिखाकर कार में बैठाया, अलग-अलग इलाकों में घुमाया
पीड़ित के अनुसार, अजीत सिंह ने उन्हें कार की पिछली सीट पर बैठाया और खुद ड्राइविंग सीट पर बैठ गया। आगे दो अन्य युवक भी सवार थे। इसके बाद बेसबॉल बैट, प्लास्टिक पाइप, लात-घूंसों और थप्पड़ों से लगातार मारपीट की गई। हाथ, पैर, पीठ, सिर और शरीर के कई हिस्सों पर चोटें आईं।
बेहोशी के बाद जबरन चेक और स्टाम्प पेपर पर कराए हस्ताक्षर
आलमपुर पहुंचने से पहले ही वे बेहोश हो गए। होश आने पर आरोपियों ने पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। फिर तीन चेक, पांच कोरे कागज और 200-200 रुपए के दो स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। साथ ही घटना की जानकारी किसी को देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
रात 11 बजे पहुंचे परिजन, तब छूटे आरोपियों के चंगुल से
पीड़ित के अनुसार, शाम को शैलेष उपाध्याय आलमपुर पहुंचे। इसके बाद विनोद, शैलेष और अभिनंदन लहार के लिए रवाना हुए। मिहोना पार करते ही अजीत सिंह, वीरू और दो अन्य युवकों ने फिर मारपीट की। रात करीब 11 बजे माता-पिता मौके पर पहुंचे, तब वे आरोपियों के चंगुल से छूट सके।
मेडिकल में चोटों की पुष्टि, शरीर के कई हिस्सों में सूजन
लहार पुलिस ने बुधवार सुबह विनोद सिंह का मेडिकल कराया। रिपोर्ट में शरीर के कई हिस्सों पर चोट, लाल-नीले निशान और दाहिने हाथ के पंजे में सूजन की पुष्टि हुई।विनोद सिंह राजावत ने अजीत सिंह चौहान, वीर प्रताप सिंह उर्फ वीरू, पवन गुप्ता, अभिनंदन सिंह और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज, तलाश कर रही पुलिस
लहार पुलिस ने बताया- आरोपियों के खिलाफ अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और जबरन चेक, कोरे कागज और स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर कराने समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान की जा रही है।
