‘स्कूलों के बाहर खड़े रहते थे असामाजिक तत्व, आज बेटियां बेखौफ’… बीजेपी ने सपा को घेरा
लखनऊ
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र से पहले भारतीय जनता पार्टी और एनडीए दलों ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ आक्रामक मोर्चा खोल दिया है। शिक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, राम मंदिर, सनातन और 2027 विधानसभा चुनाव जैसे मुद्दों पर योगी सरकार के मंत्री, सांसद और वरिष्ठ नेताओं ने एक के बाद एक बयान देकर सपा को घेरा। भाजपा नेताओं का दावा है कि योगी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाया, कानून-व्यवस्था में सुधार किया और विकास के नए मानक स्थापित किए, जबकि सपा सरकार के दौर में नकल, पेपर लीक, शिक्षा माफियाओं और भ्रष्टाचार का बोलबाला था।
'2012 से 2017 तक शिक्षा व्यवस्था बदहाल थी'
बीजेपी सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा, '2012 से 2017 के दौर को कोई भी याद करेगा तो यही कहेगा कि शिक्षा के मामले में वह समय बेहद खराब था। खुलेआम नकल होती थी, प्रश्नपत्र लीक हो जाते थे, पैसे लेकर दूसरे लोग परीक्षाएं देते थे और नकल का सामान ट्रकों में भरकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचता था।'
उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए, कंट्रोल रूम बनाए, पाठ्यक्रम में बदलाव किए और शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाया। उनके अनुसार समाजवादी पार्टी को अपने कार्यकाल के लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
'सपा शिक्षा माफियाओं की संरक्षक रही'
राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में शिक्षा माफियाओं का बोलबाला था। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड परीक्षाओं में इमला बोलकर नकल कराई जाती थी और पूरी शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लगातार शिक्षा सुधार के लिए काम कर रही है, जबकि समाजवादी पार्टी सदन में रचनात्मक भूमिका निभाने के बजाय केवल सड़क पर प्रदर्शन करती है।
कपिल देव अग्रवाल ने सांसद पप्पू यादव के संसद परिसर में भगवा वस्त्र पहनकर किए गए प्रदर्शन का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सनातन का अपमान किया और ऐसे कृत्य का समर्थन करने वालों को जनता जवाब देगी।
'झूठ बोलने का ठेका सपा ने ले रखा है' : ओपी राजभर
कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि झूठ बोलने का ठेका समाजवादी पार्टी ने ले रखा है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार ने प्रदेश के सभी 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए, जिसकी कल्पना भी सपा सरकार नहीं कर सकी थी। उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव अगर कन्नौज के किसी सरकारी स्कूल में चले जाएं तो उन्हें खुद पता चल जाएगा कि उनके समय और आज की शिक्षा व्यवस्था में कितना अंतर है। उनके शासन में बच्चियां स्कूल जाने से डरती थीं। स्कूलों के बाहर असामाजिक तत्व खड़े रहते थे, लेकिन आज बेटियां बिना डर के स्कूल जा रही हैं।'
राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में परीक्षा के प्रश्नपत्र लेकर लोग खेतों में बैठकर हल करते थे, तीन घंटे की परीक्षा पांच घंटे तक लिखी जाती थी, नौकरियां बेची जाती थीं और पैसे के दम पर नियुक्तियां होती थीं। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार ने नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से दी हैं और प्रदेश को दंगामुक्त बनाया है।
'2017 के बाद शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव आया' : अनिल राजभर
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश के 18 विश्वविद्यालय NAAC से मान्यता प्राप्त हैं, जिनमें 9 विश्वविद्यालय A++ श्रेणी, 4 विश्वविद्यालय A+ और 5 विश्वविद्यालय A श्रेणी में हैं।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति ऐसी नहीं थी। आज 'एक मंडल-एक विश्वविद्यालय' जैसी योजनाओं पर काम हो रहा है और सरकारी प्राथमिक विद्यालय भी शिक्षा का बेहतर मॉडल बन रहे हैं। अनिल राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति का आधार लूट और भ्रष्टाचार रहा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव शिक्षा की बात तो करते हैं, लेकिन उनके शासनकाल में शिक्षण संस्थान गुंडों और माफियाओं के अड्डे बन गए थे।
राम मंदिर मामले में कार्रवाई का भरोसा
भाजपा नेता नीरज सिंह** ने राम मंदिर में कथित चोरी के मामले पर कहा कि योगी सरकार इस प्रकरण में बेहद सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि विशेष जांच दल (SIT) जांच कर रही है और ऐसी कार्रवाई होगी कि भविष्य में कोई भी देश के किसी मंदिर में इस तरह की घटना करने की सोच भी नहीं सकेगा।
'10 साल में कई कीर्तिमान बनाए'
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि योगी सरकार ने पिछले दस वर्षों में विकास और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने सभी दलों से मॉनसून सत्र को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।
राहुल गांधी के दौरे पर भी बीजेपी का हमला
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राहुल गांधी के प्रस्तावित उत्तर प्रदेश दौरे पर कहा कि इससे भाजपा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस को पहले ही नकार चुकी है और 2027 में भाजपा फिर पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी।
वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी और INDIA गठबंधन पर आरोप लगाया कि वे हर अच्छे सरकारी फैसले का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण समेत सरकार के सभी बड़े फैसले लागू होंगे और विपक्ष की राजनीति केवल विरोध तक सीमित है।
'विपक्ष मुद्दे उठाए, लेकिन सदन चलने दे'
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि विपक्ष को अपने मुद्दे सदन में उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन लोकतंत्र स्वस्थ बहस और सदन के सुचारू संचालन से मजबूत होता है। उन्होंने सभी दलों से मॉनसून सत्र को सार्थक बनाने में सहयोग की अपील की।
