नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 अभियान को मिल रहा जनसमर्थन, तीसरे दिन प्रदेशभर में 1100 से अधिक कार्यक्रम आयोजित

Share on Social Media

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संचालित 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' जनजागरूकता अभियान लगातार व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ रहा है। अभियान के तीसरे दिन प्रदेश के सभी जिलों में 1100 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से 2 लाख 70 हजार से अधिक नागरिकों, युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया तथा उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया गया।

यह अभियान केवल पुलिस तक सीमित न रहकर अब एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप ले रहा है। अभियान में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग सहित विभिन्न शासकीय विभाग सक्रिय सहयोग प्रदान कर रहे हैं। वहीं अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता से अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर के स्कूलों, महाविद्यालयों एवं छात्रावासों में विद्यार्थियों को लघु फिल्मों, रील्स एवं प्रस्तुतीकरण के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों को सामूहिक नशामुक्ति शपथ दिलाई गई तथा अनेक स्थानों पर ऑनलाइन प्लेज के माध्यम से डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।

जन-जागरूकता के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख चौराहों एवं हाट-बाजारों में जनसंवाद, नुक्कड़ नाटक, रैलियां एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई जिलों में कचरा वाहनों के पीए सिस्टम, शहरों की एलईडी स्क्रीन तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी नशामुक्ति संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।

अभियान के अंतर्गत विभिन्न जिलों में अनेक नवाचार भी देखने को मिले। इंदौर में लगभग 1 लाख 75 हजार लोगों तक जागरूकता संदेश पहुंचाया गया। यहां जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाई गई, 'नार्को हेल्पलाइन' का शुभारंभ हुआ तथा डीसीपी क्राइम द्वारा गाया गया विशेष जागरूकता गीत "भैया, नशे से दूरी है ज़रूरी…" लॉन्च किया गया। बुरहानपुर में 26 हजार से अधिक लोगों को जागरूक किया गया, जबकि बालाघाट में मैराथन रैली, 'नशा मुक्ति ऐप' के माध्यम से 430 "नशा मुक्ति मित्र" बनाए गए तथा लगभग 26 हजार युवाओं को डिजिटल प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

ग्वालियर के 45 थाना क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटकों एवं जागरूकता रथों के माध्यम से 17 हजार से अधिक लोगों तक संदेश पहुंचाया गया। छिंदवाड़ा में विद्यार्थियों को अभियान थीम आधारित टी-शर्ट, कैप, रिस्ट बैंड एवं बैज वितरित किए गए तथा नगर निगम के सफाई वाहनों से ऑडियो संदेश प्रसारित किए गए। कटनी में इस्कॉन कम्युनिटी द्वारा आयोजित भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को नशामुक्त समाज का संदेश दिया गया। धार में युवाओं के लिए 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' थीम पर सेल्फी प्वाइंट स्थापित किए गए, जहां से युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश प्रसारित किया।

जबलपुर में नगर निगम, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के साथ संयुक्त समन्वय स्थापित कर शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सघन जांच एवं चालानी कार्रवाई की गई। बैतूल में "रन फॉर ड्रग फ्री इंडिया" का आयोजन किया गया, जबकि खरगोन में पुलिस अधीक्षक द्वारा नशामुक्ति रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। पन्ना में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विशाल जन-जागरूकता रैली आयोजित कर नागरिकों को नशे के विरुद्ध जागरूक किया गया।

मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस जनअभियान से जुड़कर अपने परिवार, समाज एवं आने वाली पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान को जन-जन का आंदोलन बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दें।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *