ओमान के डुक्म पोर्ट पर भारतीय नाविक की मौत, शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू

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 नई दिल्ली
मस्कट में भारतीय दूतावास ने शनिवार देर रात बताया कि ओमान के डुक्म पोर्ट पर खड़े जहाज 'एमटी सेलेस्टियल' पर एक भारतीय नागरिक की मेडिकल दिक्कतों के कारण मौत हो गई।

दूतावास ने मृतक की पहचान निशांत उर्थनाथन के तौर पर की है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "मृतक के शव को जल्द से जल्द भारत वापस लाने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।" साथ ही यह भी बताया गया कि उनका शव अभी डुक्म पोर्ट पर मौजूद जहाज पर ही है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया भर के शिपिंग बेड़े में 3,00,000 से ज्यादा भारतीय नाविक काम करते हैं। देश के शिपिंग मंत्रालय के एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते बताया था कि मिडिल ईस्ट में 18,000 से ज्यादा भारतीय नाविक काम कर रहे हैं।

अमेरिकी हमले में मारे गए थे तीन भारतीय नाविक
यह मौत ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले ही ओमान के पास एक टैंकर पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए थे, जिसकी वजह से जनता और विपक्षी पार्टियों ने आलोचना की थी। विपक्षी पार्टियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वे इस हफ्ते के आखिर में होने वाले 'ग्रुप ऑफ सेवन' (G7) शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के सामने यह मुद्दा उठाएं।

विदेश मंत्रालय ने क्या बताया?
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने "नागरिक शिपिंग के खिलाफ घातक बल के इस्तेमाल पर अपनी गहरी चिंता" जाहिर करने के लिए अमेरिका के 'चार्ज डी'अफेयर्स' (राजनयिक प्रतिनिधि) को तलब किया था। 'फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया' ने शनिवार को सोशल मीडिया पर बताया कि 35 वर्षीय निशांत उर्थनाथन की 11 जून को मौत हो गई थी। उनका शव बिना सही रेफ्रिजरेशन के दो दिन से ज्यादा समय तक जहाज पर ही रखा रहा।

यूनियन ने कहा, "क्रू सदस्य शव को सड़ने से बचाने की कोशिश में ठंडे पानी की बोतलों का इस्तेमाल कर रहे हैं यह एक डरावनी और स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरी स्थिति है।"

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