भोजशाला को अयोध्या मॉडल पर विकसित करने की तैयारी, Mohan Yadav का बड़ा बयान

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भोपाल 

लंबे समय से चल रहे धार की भोजशाला विवाद पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है वहीं कोर्ट ने इसे वाग्देवी मंदिर माना है. जहां सनातन समुदाय में इस फैसले से खुशी का माहौल है वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस खुशी को दोगुना कर दिया है. हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री ने एक कहा है कि इस जगह पर अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. राज्य सरकार ने संकेत दे दिया है कि वह पूरे धार क्षेत्र को अयोध्या मॉडल पर विकसित करने की तैयारी में है। 

बता दें कि भोजशाला पर शुक्रवार को दिए गए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा- हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है. ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार मानकर फैसला सुनाया है और भोजशाला को मूल चरित्र से मां सरस्वती का मंदिर माना है. इस फैसला का राज्य सरकार ने खुलकर स्वागत किया है। 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंटरव्यू में कहा है कि राजधानी भोपाल स्थित भोजशाला को अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट से सरकार को बड़ा सहयोग मिला है और अब सरकार भोजशाला को भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम करेगी। 

उन्होंने कहा कि भोजशाला मामले में कोर्ट का फैसला आने के बाद सरकार की जिम्मेदारी और बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि जैसे अयोध्या में भगवान राम मंदिर के निर्माण के बाद वहां का विकास हुआ, उसी तरह भोजशाला क्षेत्र का भी समग्र विकास किया जाएगा. सीएम मोहन यादव ने साफ कहा कि दोनों पक्ष से बातचीत कर रास्ता निकाला जाएगा और धर्म की आड़ में माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्ती की जाएगी।

 क्या मुस्लिम पक्ष को दी जाएगी जमीन
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के हर आदेश का पालन होगा. दोनों पक्षों के धर्म गुरुओं से बात करके रास्ता निकालेंगे. अगर मुस्लिम पक्ष मस्जिद बनाने के लिए जमीन चाहेगा तो हम उस पर भी जरूर विचार करेंगे। 

माता वाग्देवी की प्रतिमा को वापस कब कर लाएंगे?
पीएम मोदी अब तक देश की 1200 धरोहर वापल ला चुके हैं. उनसे मिलकर आग्रह करेंगे कि ब्रिटिश म्यूजियम में रखी वाग्देवी की मूर्ति के लिए केंद्र स्तर से प्रयास हो. प्रयास करेंगे कि मूर्ति जल्दी मंदिर में स्थापित हो…

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