कम किताबें, ज्यादा रिवीजन से ऐसे करें पहली कोशिश में सफलता की तैयारी

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हर साल लाखों अभ्यर्थी यूपीएससी सिविल सर्विस का फॉर्म अप्लाई करते हैं। लेकिन पहली कोशिश में यूपीएससी क्रैक करना आसान नहीं लगता। कई एस्पिरेंट्स सालों साल भी तैयारी में लगे रहते हैं लेकिन प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाते। इसके लिए सबसे जरूरी है प्रीलिम्स क्लियर करने की सही स्ट्रेटजी पर काम करना। अगर इस पहले इम्तिहान में सही तरीके से मेहनत की जाए तो फिर मेंस और इंटरव्यू तक पहुंचने का रास्ता आसान हो जाता है। इस साल यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा 24 मई को है। जिसके लिए अब केवल कुछ दिन बाकी है। अभी भी अगर आप सही रणनीति पर काम करें तो बात बन सकती है।

यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 कब है?
आईएएस, आईपीएस बनने के लिए तीन चरणों की परीक्षा से कैंडिडेट्स को गुजरना होता है। इसमें सबसे पहला चरण प्रीलिम्स होता है। प्रीलिम्स पास करने वाले अभ्यर्थी ही अगले चरण मेंस और फिर इंटरव्यू राउंड में पहुंचते हैं। पहले अटेंम्ट में यूपीएससी क्लियर के लिए सबसे पहले आपको प्रीलिम्स में पूरी मेहनत से तैयारी करनी है। इसके लिए आपको ज्यादा जगहों से पढ़ने की जरूरत नहीं है।

अक्सर कैंडिडेट ज्यादा चीजें पढ़ने के चक्कर में रिवीजन पर ध्यान नहीं देते और यही सबसे बड़ी गलती है। कम चीजें और ज्यादा रिवीजन करके भी आप पास हो सकते हैं। यूपीएससी 2018 की टॉपर आईएएस वैशाली सिंह की स्ट्रेटजी यही कहती है।

UPSC Prep Guide: IAS वैशाली सिंह कौन हैं?
वैशाली सिंह वर्तमान में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), गुरुग्राम जोन में आईएएस के पद पर कार्यभार संभाल रही हैं। 2018 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में रैंक 8 हासिल करके वो उस साल के टॉप कैंडिडेट्स में शामिल थीं। उन्होंने यह रैंक अपनी पढ़ाई और सही रणनीति पर काम करके पाई थी। प्रीलिम्स और मेंस दोनों को लेकर वो अक्सर एस्पिरेंट्स को गाइड भी करती रहती हैं। उनका मानना है कि कम किताबें और ज्यादा रिवीजन यूपीएससी में सफल होने का सबसे अच्छा मंत्र हो सकता है। इससे आपके दिमाग में कॉन्सेप्ट क्लियर होता है।

यूपीएससी प्रीलिम्स के लिए IAS वैशाली के टिप्स
    यह पूरा एग्जाम 50 परसेंट नॉलेज और 50 परसेंट आपकी स्ट्रेटजी पर डिपेंड हैं।
    इसके लिए प्रीलिम्स और मेंस के लिए कम किताबें सेलेक्ट करें। इन्हें बार-बार पढ़ना बेहतर स्ट्रेटजी है।
    अलग-अलग जगहों से पढ़ने से आपको चीजें पढ़ने में क्लियेरिटी नहीं आ पाती।
    अगर आप कुछ ही चीजों का बार-बार रिवीजन करते हैं, तो कॉन्सेप्ट में मजबूत बनता है।
    सिलेबस बड़ा है, लेकिन इसे ज्यादा सही तरीके से मैनेज करना सबसे बड़ा फैक्टर है।
    बार-बार रिवीजन करने से आपको प्रीलिम्स के साथ मेंस में भी मदद मिलती है। आपकी आंसर-राइटिंग की स्पीड बढ़ती है। आपमें में कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है। जिससे एग्जाम का प्रैशर भी कम होता है।

अगर आप भी मई में यूपीएससी प्रीलिम्स का पेपर देने जा रहे हैं, तो इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं। अक्सर लोग ज्यादा पढ़ने के चक्कर में इन बातों को भूल जाते हैं, और यहीं गलती कर बैठते हैं। अभी अपना ज्यादा समय रिवीजन पर लगाएं।

 

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