नर्मदापुरम में जनसुनवाई में कलेक्टर का अच्छा कदम, भीषण गर्मी में फरियादियों के लिए ठंडा पानी और शरबत की व्यवस्था
नर्मदापुरम
मध्य प्रदेश के सभी जिलों में हर मंगलवार को जनसुनवाई होती है. जहां कलेक्टर, एसपी व बड़े अधिकारी लोगों की परेशानी सुनते हैं और उसका समाधान करते हैं. जनसुनवाई को लेकर अलग-अलग तरह की खबरें देखने मिलती है. वहीं नर्मदापुरम में कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने जनसुनवाई को संवेदनशील और जनहितैषी बनाया है. आमतौर पर सरकारी दफ्तरों में अपनी समस्याएं लेकर आने वाले लोगों को लंबी प्रतीक्षा और असुविधाओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन अब यह तस्वीर बदलती नजर आ रही है।
जनसुनवाई में पहले ठंडा पानी और शरबत, फिर समस्याएं
कलेक्टर सोमेश मिश्रा के पदभार संभालने के बाद जनसुनवाई में एक अनोखा इनोवेशन शुरू किया गया है. अब जनसुनवाई में पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पहले ठंडा पेयजल, शरबत उपलब्ध कराया जाता है और आराम से बैठने के लिए कुर्सी दी जाती है. इसके बाद उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना जाता है और आवेदन लिए जाते हैं. यह छोटा सा बदलाव आमजन के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. गर्मी और लंबी कतारों के बीच ठंडा पानी और बैठने की सुविधा न केवल लोगों को सुकून देती है, बल्कि यह प्रशासन की संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।
कलेक्टर ने नेमप्लेट पर लिखवाया अपना नंबर
यह पहल इस बात का संकेत है कि शासन केवल आदेश देने तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं और आवश्यकताओं को समझने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है. इतना ही नहीं, कलेक्टर ने पारदर्शिता और पहुंच को बढ़ावा देने के लिए अपने कार्यालय के बाहर नेम प्लेट पर अपना मोबाइल नंबर भी अंकित करवाया है. इससे आमजन सीधे संपर्क कर सकते हैं और अपनी समस्याएं आसानी से साझा कर सकते हैं।
ठंडा पानी पीकर तरोताजा हुए लोग, फिर सुनाई समस्याएं
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में इस नई व्यवस्था का असर साफ दिखाई दिया. लोग पहले ठंडा पेयजल लेकर तरोताजा हुए, फिर उन्होंने अपनी समस्याएं रखी. इससे न केवल माहौल सकारात्मक बना, बल्कि लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ. कुल मिलाकर, यह पहल दर्शाती है कि यदि प्रशासन चाहे तो छोटे-छोटे कदमों के माध्यम से भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है. कलेक्टर सोमेश मिश्रा की यह पहल निश्चित रूप से अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकती है।
