प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए रचनात्मक कंटेंट क्रिएशन महत्वपूर्ण : आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह

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प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए रचनात्मक कंटेंट क्रिएशन महत्वपूर्ण : आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह

लेखन कौशल में पारंगत अधिकारियों का होता है विशिष्ट स्थान : कुलगुरू तिवारी
एमसीयू में जनसंपर्क अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण हुआ संपन्न

भोपाल

आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह ने कहा है कि जनसंपर्क विभाग में प्रभावी तौर से प्रचार-प्रसार के लिए रचनात्मक कंटेंट क्रिएशन महत्वपूर्ण होता है। समाचार को प्रभावी बनाने के लिये कंटेट की हर क्षेत्र में मांग है। समाचार, फीचर, आलेख या एडवर्टोरियल जैसे फार्मेट के लिए उपयुक्त कंटेट आवश्यक है। भाषा की विशिष्टता का ध्यान रखना भी आवश्यक है। प्रेस विज्ञप्तियों की भाषा की अपनी शैली होती है। अधिकारियों को भाषा पर भी विशेष कार्य करना चाहिए।

आयुक्त सिंह शुक्रवार को एमसीयू में जनसंपर्क अधिकारियो का 2 दिवसीय प्रशिक्षण के समापन-सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क के सभी जिला कार्यालयों में ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर पर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इसके साथ ही वित्तीय प्रबंधन बेहतर ढंग से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं को किस तरह बेहतर ढंग से जनता तक पहुंचाया जा सकता है इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।

जनसंपर्क के क्षेत्र में लेखन कार्य बेहद महत्वपूर्ण

इस अवसर पर सत्र में विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि जनसंपर्क के क्षेत्र में लेखन कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। लेखन कौशल में पारंगत अधिकारियों का अपना विशिष्ट स्थान होता है। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क अधिकारियों को लेखन में रूचि लेकर समाचारों को लिखना चाहिए। एक छोटे से विषय पर भी बेहतर ढंग से लिखे हुए समाचार को प्रकाशनों में अच्छा कवरेज मिलता है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर जनसंपर्क अधिकारी किसी भी सकारात्मक आइडिया को लेकर सक्सेस स्टोरीज लिख सकते हैं। इस तरह की स्टोरीज को शेयर करने से उनके विभागों के बेहतर कार्यों को मीडिया में बेहतर स्थान मिलता है।

पूर्व संचालक जनसम्पर्क लाजपत आहूजा ने जनसम्पर्क के अनुभवों को साझा करते हुए शासकीय विज्ञापनों की नीति के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कुशल जनसम्पर्क के लिए विभिन्न विधाओं के उपयोग से परिचित कराया।

जनसंपर्क विभाग की विविध शाखाओं में एमसीयू के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में विभागीय बजट, भंडार नियमों की जानकारियों पर सत्र भी आयोजित हुए। इसके अलावा पत्रकारों के लिए संचालित विविध योजनाओं की जानकारी भी अधिकारियों को दी गई। अंतिम सत्र में जनसंपर्क विभाग के पोर्टल प्रबंधन पर प्रतिभागी अधिकारियों को जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के जिला जनसंपर्क कार्यालयों से तथा निदेशालय से जनसंपर्क अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस प्रशिक्षण का आयोजन जनसंपर्क विभाग एवं एमसीयू की प्रशिक्षण शाखा के तत्वावधान में हुआ। प्रशिक्षण का समन्वय डॉ. शलभ श्रीवास्तव ने किया। प्रशिक्षण के दोनों दिन संगठन प्रबंधन, डिजिटल नवाचार, ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस, एआई, कंटेंट मैंनेजमेंट, आरटीआई, प्रेस के नियम, जनसंपर्क की नीतियों और उनके क्रियान्वयन के व्यवहारिक पहलुओं सहित वित्तीय प्रबंधन आदि विषयों पर विविध सत्र आयोजित हुए।

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों को अन्य विशेषज्ञों के साथ विभागीय अपर संचालक जी.एस. वाधवा, संजय जैन, उप संचालक संतोष मिश्रा, सुनील वर्मा, सहायक संचालक राजेश पाण्डेय, सहायक जनसम्पर्क अधिकारी शिवम शुक्ल, प्रोजेक्ट मैनेजर वेबसाइट एमपीइन्फो डॉट ओआरजी अमकेश्वर मिश्रा ने भी महत्वपूर्ण जानकारियां दी। सत्र का संचालन जनसंपर्क विभाग के सहायक जनसम्पर्क अधिकारी अनिल वशिष्ठ ने किया। प्रशिक्षण का समन्वय एमसीयू के डॉ. शलभ श्रीवास्तव ने किया।

 

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