एमपी-यूपी को जोड़ने वाले झांसी सदर्न बायपास को मिली मंजूरी, 631 करोड़ की फोर लेन परियोजना स्वीकृत

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भोपाल 

प्रदेश के निवाड़ी जिले और उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में 15.5 किलोमीटर लंबे 4-लेन सदर्न बायपास के निर्माण की केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल लागत 631.73 करोड़ रुपये तय की गई है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि दो राज्यों को सांस्कृतिक डोर से जोड़ेगा नया फोर लेन बायपास जोड़ेगा। उन्होंने प्रदेश को नई नई सौगाते देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह बायपास बंगाय खास से ओरछा तिगेला तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-39 को जोड़ेगा। इससे एमपी से होकर झांसी जाने वाला भारी ट्रैफिक अब शहर के अंदर नहीं जाएगा, जिससे सीमा क्षेत्र में जाम और दबाव कम होगा।

यह बायपास ओरछा तिगेला पर खत्म होता है, जो UNESCO की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल है और जहां जहांगीर महल, राम राजा मंदिर और बेतवा वन्यजीव अभयारण्य स्थित हैं। हाईवे तक बेहतर पहुंच से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और विकास को गति मिलेगी।  

इसके अलावा इस परियोजना से मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के बीच माल ढुलाई तेज होगी। ट्रांसपोर्ट लागत और समय दोनों कम होंगे, जिससे व्यापारियों को फायदा मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में छोटे उद्योग, होटल, ढाबे, ट्रांसपोर्ट सर्विस जैसे नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही झांसी में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र (BIDA) से एमपी के जिलों को सीधा फायदा मिलेगा, क्योंकि वहां तक पहुंच आसान और तेज हो जाएगी। झांसी पांच बड़े राष्ट्रीय राजमार्गों एनएच-27, एनएच-44, एनएच-39, एनएच-539 और एनएच-552 का प्रमुख जंक्शन है। इस कारण शहर के भीतर ट्रैफिक काफी बढ़ जाता है, जिससे लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

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