सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को गंगाजल से धोना पूरे गुर्जर समाज का अपमान: विधायक तेजपाल नागर

Share on Social Media

सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को गंगाजल से धोना पूरे गुर्जर समाज का अपमान: विधायक तेजपाल नागर

मिहिर भोज के अपमान पर बवाल, दादरी रैली पर तेजपाल नागर का अखिलेश पर तीखा हमला

असफल साबित हुई अखिलेश की दादरी रैली: विधायक नागर

नोएडा 
 दादरी में समाजवादी पार्टी की रैली के दौरान गुर्जर-प्रतिहार वंश के महान सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को गंगाजल से धोए जाने की घटना ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। दादरी से भाजपा विधायक तेजपाल नागर ने इसे भारत के महापुरुषों का अपमान बताते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सम्राट मिहिर भोज केवल एक नाम नहीं, बल्कि देश के गौरव, पराक्रम और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रतीक हैं, ऐसे महापुरुष के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

तेजपाल नागर ने कहा कि जो लोग आज मंच से सम्मान और सामाजिक न्याय की बात करते हैं, उनके कार्यों में उस संवेदनशीलता का अभाव साफ दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना गुर्जर समाज ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास और परंपरा का अपमान है। नागर ने कहा कि सपा को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

भाजपा विधायक ने दादरी में आयोजित सपा की रैली को पूरी तरह असफल करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस कार्यक्रम को “आह्वान” बताया गया, वह जमीनी हकीकत में असरहीन साबित हुआ। गुर्जर बहुल इस क्षेत्र में अपेक्षित जनभागीदारी का अभाव इस बात का संकेत है कि सपा का जनाधार खिसक चुका है। उन्होंने कहा कि रैली में खाली कुर्सियां ही सच्चाई बयां कर रही थीं।

नागर ने कहा कि अखिलेश यादव दादरी के मंच से गुर्जर समाज को कोई ठोस संदेश देने में भी विफल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल चुनावी समय में समाज विशेष को साधने की कोशिश करती है, जबकि वास्तविकता में उसका सरोकार केवल सत्ता तक सीमित रहता है।

पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए तेजपाल नागर ने कहा कि गौतमबुद्धनगर जिले को समाप्त करने का निर्णय सपा की नीतियों का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में गुर्जर समाज के प्रति सम्मान होता, तो ऐसा निर्णय नहीं लिया जाता। बाद में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से जिले की पुनःस्थापना हुई, जो उस समय की सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

नागर ने सपा सरकार के दौरान नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण में हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का माहौल था, यहां के 500 करोड़ रुपए अन्य जगहों पर भेज दिए गए, जबकि वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नोएडा प्रदेश के विकास और निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत हुई है और विकास को प्राथमिकता दिया जा रही है। इसके विपरीत सपा अब भी जातीय आधार पर राजनीति करने की कोशिश कर रही है, जिसे जनता समझ चुकी है।

तेजपाल नागर ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा को करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि आज का मतदाता केवल भाषणों से प्रभावित नहीं होता, बल्कि वह काम, भरोसे और निरंतरता को महत्व देता है। दादरी की यह रैली सपा के लिए स्पष्ट संकेत है कि जमीन पर विश्वास खोने के बाद केवल नारेबाजी से राजनीति नहीं चल सकती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *