कोच्चि में भारतीय फुटबॉल टीम का अपमन ,टीम के हेड कोच खालिद जमील और खिलाड़ियों को स्टेडियम में घुसने से रोका

Share on Social Media

भारतीय फुटबॉल एक बार फिर शर्मिंदगी का सामना कर रहा है. 26 मार्च 2026 को कोच्चि के जवाहरलाल नेहरू इंटरनेशनल स्टेडियम में ऐसा मामला सामने आया, जिसने देश की खेल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. टीम इंडिया के हेड कोच खालिद जमील और कई खिलाड़ियों को स्टेडियम में घुसने से रोक दिया गया.

यह घटना उस समय हुई जब टीम को एएफसी एशियन कप क्वालिफायर के मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी थी. भारत को 31 मार्च को हांगकांग के खिलाफ अहम मैच खेलना है, लेकिन उससे पहले ही इस विवाद ने माहौल बिगाड़ दिया है.

सुरक्षा गार्ड्स ने रोका, लौटना पड़ा टीम को

हेड कोच के साथ खिलाड़ी आशिक कुरुनियान, सहल अब्दुल समद और बिजॉय वर्गीस भी मौजूद थे. सभी को स्टेडियम के गेट पर ही रोक दिया गया. सुरक्षा कर्मियों ने साफ कहा कि जब तक जरूरी भुगतान नहीं होगा, तब तक एंट्री नहीं मिलेगी.  बताया जा रहा है कि केरल फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा स्टेडियम किराए के लिए 20 से 25 लाख रुपये की सिक्योरिटी जमा नहीं की गई थी. इसी वजह से यह स्थिति पैदा हुई. मजबूरी में पूरी टीम को बिना प्रेस कॉन्फ्रेंस किए वापस लौटना पड़ा.

रद्द हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस, बढ़ी नाराजगी

इस घटना के कारण आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द करनी पड़ी. इससे खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ में नाराजगी देखने को मिली. एक अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले इस तरह की अव्यवस्था ने भारतीय फुटबॉल की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया है.

पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद

यह पहली बार नहीं है जब कोच्चि में इस तरह का मामला सामने आया हो. इससे पहले फरवरी 2026 में भी केरल ब्लास्टर्स के खिलाड़ियों को इसी तरह के भुगतान विवाद के कारण स्टेडियम में एंट्री नहीं दी गई थी.

एआईएफएफ ने दिया भरोसा ,मैच तय समय पर खेला जाएगा

हालांकि AIFF ने भरोसा दिया है कि हांगकांग के खिलाफ मैच तय समय पर ही खेला जाएगा. उम्मीद है कि मैच से पहले सभी जरूरी भुगतान पूरे कर दिए जाएंगे. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं भारतीय फुटबॉल की साख को नुकसान पहुंचा रही हैं. अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते इन समस्याओं को सुलझा पाएगा या फिर ऐसे विवाद आगे भी जारी रहेंगे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *