145 साल पुराने आबूरोड रेलवे स्टेशन का होगा कायाकल्प, नई रेललाइन से बदलेगी तस्वीर
अजमेर.
आबूरोड रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए अमृत भारत स्टेशन योजनांतर्गत रेल मंत्रालय ने 81.51 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। वर्ष 1880 में स्थापित स्टेशन के विकास को करीब 28 हजार करोड़ की लागत से निर्माणाधीन अंबाजी-आबूरोड-तारंगा हिल नई रेललाइन परियोजना से जोड़कर भी देखा जा रहा है। परियोजना का कार्य पूर्ण होने पर स्थानीय स्टेशन से यात्री गाड़ियों का संचालन शुरू होगा। इससे यात्रियों की संख्या में वृद्ध होगी।
यह विकास कार्य होंगे
मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा के अनुसार आबूरोड, अजमेर मंडल का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है। इस स्टेशन के पुनर्विकास से यह स्टेशन नए स्वरूप में नजर आएगा और यात्रियों को और भी अधिक बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी। स्वीकृत राशि में से 74.87 करोड़ निर्माण लागत, 0.75 करोड़ यूटिलिटी सर्विसेज, 0.19 करोड़ आर्टवर्क, 0.75 करोड़ डिजाइन चार्ज, 0.07 करोड़ ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन, 0.75 करोड़ फर्नीचर, 0.77 करोड़ कंटीन्जेंसीज और 3.36 करोड़ डिपार्टमेंटल चार्जेज खर्च शामिल हैं।
अजमेर मंडल के 15 स्टेशनों का पुनर्विकास
अजमेर मंडल के 15 स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास कार्य किए जा रहे हैं। उदयपुर स्टेशन पर पुनर्विकास का कार्य जारी है, जबकि अजमेर स्टेशन पर भी पुनर्विकास कार्य स्वीकृत किया है। आबूरोड स्टेशन 145 साल का गौरवशाली इतिहास समेटे हैं। आबूरोड रेलवे ने मीटर गेज के स्टीम इंजन से वर्तमान में विद्युतीकृत ब्रॉडगेज लाइन की राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत जैसी गाड़ियों के संचालन तक का दौर देखा है। यह प्रमुख पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू का प्रवेश द्वार होने से वर्षभर देश-विदेश के पर्यटक ट्रेन के माध्यम से यहां पहुंचते हैं। निकट ही अंबाजी का मंदिर भी है, जहां भी देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं।
