मोदी–इब्राहिम दोस्ती की मिसाल: मलेशियाई पीएम बोले—आप सच्चे और भरोसेमंद मित्र हैं

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मलेशिया
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की  तारीफों के पुल बांधते हुए उनको “सच्चा दोस्त” बताया और कहा कि उनके बीच भरोसेमंद और समझदारी भरा आदान-प्रदान हुआ।  इब्राहिम ने कहा- मैं खुशकिस्मत हूं कि मैं  मोदी जी का बहुत अच्छा पर्सनल दोस्त हूं। और आप सही मायने में सच्चे, भरोसेमंद और समझदार दोस्त हैं।अनवर इब्राहिम ने कहा,  "मैं पर्सनली बहुत एक्साइटेड, बहुत शुक्रगुजार और बहुत खुश हूं कि भारत से मेरा एक बहुत अच्छा दोस्त मलेशिया में हमारे साथ जुड़ रहा है।"  कुआलालंपुर में दोनों नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनवर ने इस बैठक को “बहुत महत्वपूर्ण, रणनीतिक और निर्णायक” बताया और कहा कि यह भारत-मलेशिया संबंधों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

अनवर ने कहा कि भारत और मलेशिया के संबंध 1957 से हैं और 2024 में इसे “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” में अपग्रेड किया गया। उन्होंने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध, मजबूत जन-स्तरीय जुड़ाव और तेजी से बढ़ती आर्थिक साझेदारी पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने 11 दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें MoUs और पत्रों का आदान-प्रदान शामिल है, और यह सामान्य द्विपक्षीय समझौतों से आगे है। इनमें से कुछ समझौतों में सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और सुरक्षा सहयोग जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। अनवर ने कहा कि दोनों देश व्यापार और निवेश, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्थानीय मुद्रा (रुपया और रिंगगिट) में व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कृषि, खाद्य सुरक्षा, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों को और गहरा करेंगे।
 
उन्होंने 2025 में 8.59 अरब डॉलर के व्यापार आंकड़े से आगे बढ़कर 18.59 अरब डॉलर के लक्ष्य से आगे बढ़ने की उम्मीद जताई। अनवर ने शैक्षिक संबंधों को “केंद्रिय” बताया और कहा कि कई मलेशियाई छात्रों की शिक्षा भारत में हुई है, जबकि भारत से भी छात्र मलेशिया में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारतीय शिक्षा संस्थानों को वैश्विक मान्यता मिली है और भविष्य में छात्रों की संख्या बढ़ाने पर काम किया जाएगा। उन्होंने पर्यटन और कनेक्टिविटी पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने भारत के शांति प्रयासों यूक्रेन-रूस और मध्य पूर्व (गाजा) के संदर्भ में को समर्थन देने के लिए मोदी की सराहना की।
 
अंत में, अनवर ने भारत की सरकार के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि कोटा किनाबालु (साबाह) में भारत का वाणिज्य दूतावास खोलने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है। इससे पहले दोनों नेताओं ने प्रतिनिधि-स्तरीय वार्ता की, जिसमें रक्षा और सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी को पुत्राजया में औपचारिक स्वागत भी किया गया। यह दौरा भारत-मलेशिया के लंबे समय से चल रहे मित्रता संबंध को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
 

 

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